
Mangesh Yadav Encounter Controversy: चप्पल, बुलेटप्रूफ़ जैकेट और चोरी की बाइक... मंगेश एनकाउंटर में पुलिस के जितने दावे उतने सवाल
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उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से सामने आई सीसीटीवी की कुछ तस्वीरों ने पूरे सूबे में सनसनी मचा दी थी. तस्वीरें थी भी कुछ ऐसी. एक सीसीटीवी फुटेज में एक ज्वेलरी शॉप के अंदर घुस आए पांच हथियारबंद डकैत दिन दहाड़े महज 4 मिनट के अंदर डकैती डालते हुए दिख रहे थे. डकैती करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपये की.
Mangesh Yadav Encounter Controversy: उत्तर प्रदेश पुलिस ने फिर एक एनकाउंटर किया, लेकिन इस बार एनकाउंटर करने से पहले पुलिस ने कुछ नए काम किए. जिस शख्स का एनकाउंटर करना था, सबसे पहले उसे इनामी बदमाश घोषित कर दिया. फिर 48 घंटे के अंदर उस पर रखी गई इनाम की रकम को डबल कर दिया. इसके बाद बिना बुलेटप्रूफ जैकेट पहने चप्पल में ही तेज रफ्तार मोटरसाइकिल पर भाग रहे बदमाश को गोली मारकर ढेर कर दिया. जी हां, ये कहानी सुल्तानपुर के उसी एनकाउंटर की है, जिसके लेकर कई सवाल उठ रहे हैं और पुलिस पर शक किया जा रहा है.
28 अगस्त 2024, सुल्तानपुर, यूपी उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से सामने आई सीसीटीवी की कुछ तस्वीरों ने पूरे सूबे में सनसनी मचा दी थी. तस्वीरें थी भी कुछ ऐसी. एक सीसीटीवी फुटेज में एक ज्वेलरी शॉप के अंदर घुस आए पांच हथियारबंद डकैत दिन दहाड़े महज 4 मिनट के अंदर डकैती डालते हुए दिख रहे थे. डकैती करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपये की.
5 सितंबर 2024, सुल्तानपुर, यूपी लेकिन इस वारदात के ठीक 9 दिन बाद अब यूपी से आई कुछ और तस्वीरों ने ऐसा भूचाल मचाया है, जिसके बाद अब पुलिस से लेकर सूबे की सरकार तक को जवाब देना भारी पड़ रहा है. रात के अंधेरे में ली गई ये तस्वीरें हैं एक पुलिस एनकाउंटर की, जिसका कनेक्शन 28 अगस्त की उस डकैती की वारदात से जुड़ता है, जिसकी तस्वीरें सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थीं. असल में उन नई तस्वीरों में पुलिस उसी डकैती की वारदात में शामिल एक आरोपी मंगेश यादव को आधी रात एनकाउंटर में ढेर करने का दावा करती हुई दिखाई दे रही है.
एनकाउंटर की मजिस्ट्रेटी जांच लेकिन अब उन्हीं तस्वीरों के हवाले से इस एनकाउंटर पर ऐसे सवाल उठने लगे हैं, जिनका सही और संतोषजनक जवाब देना पुलिस को भारी पड़ने लगा है. हालत ये है कि अब सरकार को इस मामले की सच्चाई जानने के लिए एनकाउंटर की मजिस्ट्रेटी जांच का हुक्म देना पड़ा है. इल्जाम है कि पुलिस ने मंगेश यादव को इस एनकाउंटर से दो दिन पहले यानी 2 सितंबर की रात करीब ढाई बजे जौनपुर में उसके घर से उठा लिया था और फिर सुनसान सड़क पर आधी रात को उसकी हत्या कर दी.
4 और 5 सितंबर की दरम्यानी रात एनकाउंटर का दावा लेकिन इससे पहले कि हम वारदात में पुलिस पर लगे इन इल्ज़ामों की सच्चाई टटोलने की कोशिश करें, सबसे पहले एनकाउंटर की उन तस्वीरों की बात की जाए, जिन्होंने पुलिस को घेरे में ला दिया है. पुलिस की मानें ये तस्वीरें उस वक्त की हैं, 4 और 5 सितंबर की दरम्यानी रात को उन्होंने सुल्तानपुर के ग्रामीण इलाके में बाइक से भागते एक खूंखार डकैत मंगेश यादव और उसके एक साथी को रोकने की कोशिश की, जिन्होंने पहले पुलिस पर गोली चलाई और फिर बदले में की गई जवाबी कार्रवाई में मंगेश यादव की जान चली गई. जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठा कर भागने में कामयाब रहा.
चप्पल पहन कर एनकाउंटर? लेकिन जिस तरह से यहां एसटीएफ के डीएसपी डीके शाही समेत कई और पुलिस कर्मी चप्पल पहने हुए तथाकथित एनकाउंटर वाली जगह यानी स्पॉट पर खड़े दिखाई दे रहे हैं, वो अपने-आप में एक बड़ा सवाल है. सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि आखिर पुलिस के अफसर और मुलाजिम एक खतरनाक अपराधी का पीछा करने के लिए चप्पल पहन कर इतने कैजुअल तरीके से कैसे चले गए? कैसे उन्होंने मेन रोड से नीचे, बारिश के इस मौसम के कीचड़ भरी सड़क पर चप्पल पहन कर इतने खूंखार अपराधियों का पीछा किया? और कैसे अपनी सटीक निशानेबाजी से बाइक पर जा रहे दो में से एक अपराधी यानी मंगेश यादव को ढेर कर दिया?

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