
LAC पर पेट्रोलिंग पॉइंट्स को लेकर क्या था विवाद, समझें- समझौते का भारत-चीन की सेना पर क्या होगा असर
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एलएसी पर साढ़े चार साल से जारी भारत और चीन के बीच गतिरोध अब खत्म हो गया है. भारत और चीन के बीच पेट्रोलिंग पॉइंट्स को लेकर एक अहम समझौता हुआ है. अब सीमा पर दोनों के बीच संघर्ष होने की उम्मीद नहीं है. ऐसे में जानते हैं कि ये पेट्रोलिंग पॉइंट्स का मामला क्या है? समझौता क्या हुआ है? और इसका असर क्या हो सकता है?
भारत और चीन के बीच साढ़े चार साल से जारी गतिरोध अब खत्म होता नजर आ रहा है. दोनों देशों के बीच पूर्वी लद्दाख में पेट्रोलिंग को लेकर समझौता हो गया है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि बड़े देशों के बीच मनमुटाव होता रहता है, लेकिन ये एक बड़ी सफलता है. अब एलएसी पर 2020 से पहले की स्थिति हो जाएगी.
विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने बताया कि बीते कई हफ्तों से भारत और चीन के बीच राजनयिक और सैन्य स्तर पर बातचीत चल रही थी. इसी बातचीत से एलएसी पर पेट्रोलिंग को लेकर सहमति बनी है.
विदेश मंत्री जयशंकर ने एक कार्यक्रम में कहा कि 2020 के बाद कई ऐसे इलाके थे, जहां उन्होंने ब्लॉक कर दिया था और हमने उन्हें ब्लॉक कर दिया था. लेकिन अब पेट्रोलिंग को लेकर समझौता हो गया है. अब हम वहां तक पेट्रोलिंग कर सकेंगे, जहां 2020 तक करते आ रहे थे.
चीन ने भी इस समझौते की पुष्टि कर दी है. मंगलवार को चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई है और हम भारत के साथ मिलकर काम करेंगे.
दोनों के बीच कैसे बनी बात?
जून 2020 में लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों में झड़प हो गई थी. इस झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे. इसके बाद से ही एलएसी पर भारत और चीन के बीच गतिरोध जारी था.

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