
Indonesia's Mount Semeru: इंडोनेशिया का सबसे ऊंचा ज्वालामुखी फटा, गर्म गैसों ने ब्रिज तोड़ डाला... लावा की नदियां बहीं
AajTak
इस फोटो में दिख रहे ब्रिज को ज्वालामुखी की गर्म राख और गैस ने तोड़ दिया. इंडोनेशिया के माउंट सेमेरू ज्वालामुखी में 4 दिसंबर 2022 को भयानक विस्फोट हुआ है. यह ब्रिज लुमाजांग इलाके में एक पहाड़ को दूसरे से जोड़ता था. लेकिन घाटी में ज्वालामुखी ने इतनी गर्म राख उगली कि ग्लाडा पेराक ब्रिज ही टूट गया. देखिए Photos...
इंडोनेशिया (Indonesia) का सबसे ऊंचा ज्वालामुखी माउंट सेमेरू (Mount Semeru) 4 दिसंबर 2022 को अचानक फट पड़ा. 12 हजार फीट ऊंचे पहाड़ की चोटी से इतनी तेज लावा, गर्म राख और गैसें निकलीं कि वो ज्वालामुखी की घाटी में स्थित गांवों में खेतों तक पहुंच गईं. लावा की नदियां बह गईं.
माउंट सेमेरू कई दिनों से ज्वालामुखी धीरे-धीरे सुलग रहा था. लेकिन मॉनसूनी बारिश की वजह से उसका लावा डोम (Lava Dome) टूट गया. जिससे गर्म राख, गैस और लावा की नदियां कई किलोमीटर दूर तक तेजी से बहती हुई आईं. आप यहां नीचे दिए गए वीडियो में भी देख सकते हैं.
BREAKING: Indonesia’s Mount Semeru has explosively erupted, sending pyroclastic density currents — ‘avalanches’ of extremely hot gas and debris — screaming into several valleys. Quick thread 🧵 (coming shortly): pic.twitter.com/pUKNcBBdP3
इंडोनेशिया के नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी के प्रवक्ता अब्दुल मुहारी ने कहा कि ज्वालामुखी के आसपास मौजूद कई गांव राख की ढेर में छिप गए हैं. धुएं और राख की वजह से आसमान काला हो गया है. दिन में भी लोगों को लाइट जलानी पड़ रही है. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है. अब भी राहत एवं बचाव कार्य जारी है.
माउंट सेमेरू (Mount Semeru) राजधानी जकार्ता से 800 किलोमीटर दूर दक्षिणपूर्व स्थित जावा में है. जावा में कई ज्वालामुखी हैं. जो सक्रिय हैं. लेकिन माउंट सेमेरू सबसे खतरनाक और सबसे ऊंचा ज्वालामुखी है. सिर्फ इंडोनेशिया में 121 सक्रिय ज्वालामुखी मौजूद हैं. पिछले साल भी माउंट सेमेरू में विस्फोट हुआ था. तब उसके लावा, गर्म गैस और राख की चपेट में आने से 51 लोगों की मौत हो गई थी. 10 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा था.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.









