
Indian Railway: यूपी के इस स्टेशन पर शुरू हुआ क्विक वाटरिंग सिस्टम, 24 डिब्बों की ट्रेन में 10 मिनट में भर जाएगा पानी
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Quick watering System: मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पर अब ट्रेन के कोचों में पानी भरने के लिए क्विक वाटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है. इस सिस्टम के माध्यम से 24 डिब्बों वाली ट्रेन में महज 10 मिनट में पानी भरा जा सकेगा.
East Central Railway: रेल यात्रा के दौरान यात्रियों को अक्सर वॉशरूम में पानी की समस्या से रूबरू होना पड़ता है. लेकिन भारतीय रेल यात्रियों की इस समस्या को दूर करने के लिए अलग-अलग स्टेशनों पर क्विक वाटरिंग सिस्टम की शुरुआत कर रही है ताकि ट्रेनों में जल्द से जल्द कम समय में पानी भर दिया जाए और ट्रेन इस समय से अपने गंतव्य की तरफ रवाना हो सके. इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पर भी अब ट्रेन के कोचों में पानी भरने के लिए त्वरित जल प्रणाली (Quick Watering System) का उपयोग किया जा रहा है. बताते चलें कि ट्रेन के डिब्बों में पानी की उपलब्धता यात्री की आवश्यकताओं में से एक है. बावजूद इसके पानी नहीं भरने को लेकर लोगों की शिकायतें समय-समय पर आती रहती हैं. डिब्बों टंकी के धीमी गति से भरने का एक मुख्य कारण पानी के पाइपों के माध्यम से पानी का धीमा प्रवाह होता है.

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










