
Imran Khan: पाकिस्तान में सत्ता परिवर्तन के भारत समेत दुनियाभर के लिए क्या हैं मायने?
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Imran Khan: पाकिस्तान में सत्ता परिवर्तन हो गया है. मुल्क की कमान अब शाहबाज शरीफ के हाथों में है. लेकिन इस राजनीतिक उथल-पुथल का असर दुनियाभर के कई देशों पर होगा. कहा जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना अब नई सरकार पर कश्मीर में सफल संघर्ष विराम के लिए दबाव डाल सकती है.
Imran Khan: पाकिस्तान में सरकार का चेहरा बदल चुका है. हाई वोल्टेज पॉलिटिकल ड्रामे के बाद इमरान खान को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. अब मुल्क में नए प्रधानमंत्री सत्ता की कुर्सी पर काबिज होंगे. इमरान खान ने 3 साल और 7 महीने तक देश की सत्ता संभाली थी. इस भारी राजनीतिक उथल-पुथल का असर न सिर्फ पाकिस्तान पर पड़ेगा, बल्कि भारत समेत कई देशों के लिए भी इस सियासी घटनाक्रम के अलग-अलग मायने हैं.
गौरतलब है कि 2018 में सत्ता में आने के बाद से इमरान खान की बयानबाजी अमेरिकी विरोधी हो गई है. उन्होंने चीन और हाल ही में रूस के करीब जाने की मंशा जाहिर की थी. इमरान ने 24 फरवरी को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी. वहीं, इस सियासी उलटफेर का असर पश्चिम में अफगानिस्तान, उत्तर पूर्व में चीन और पूर्व में भारत पर भी होगा.
क्या भारत से साथ सुधरेंगे संबंध?
सबसे पहले बात भारत के संदर्भ में करें तो पाकिस्तान में इमरान सरकार गिरने के बाद भारत में इसे लेकर लगातार चर्चा हो रही है. हालांकि दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर गहरे अविश्वास के कारण कई वर्षों से औपचारिक राजनयिक वार्ता नहीं हुई है. लेकिन भारत-पाकिस्तान संबंधों का बारीक नजर रखने वाले विशेषज्ञों के मुताबिक पाकिस्तानी सेना इस्लामाबाद में नई सरकार पर कश्मीर में सफल संघर्ष विराम के लिए दबाव डाल सकती है. क्योंकि पाकिस्तान के ताकतवर सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने हाल ही में कहा था कि अगर भारत सहमत होता है, तो उनका देश कश्मीर पर आगे बढ़ने को तैयार है.
अमेरिका के लिए पाकिस्तान का महत्व
अमेरिका स्थित दक्षिण एशिया के विशेषज्ञों ने कहा कि पाकिस्तान का राजनीतिक संकट अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के लिए खास महत्वपूर्ण नहीं है. क्योंकि इस समय वह यूक्रेन में युद्ध के हालातों पर नजर बनाए हुए हैं. वहीं अमेरिका का ध्यान पाकिस्तान की ओर तभी जाता है, जब भारत-पाकिस्तान के बीच बड़े पैमाने पर अशांति या तनाव पैदा होता है.

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