
Gold-Silver ETFs Crash: अब क्या करें ETF वाले? आज चांदी 34000 रुपये सस्ती, सोने में भी भारी गिरावट
AajTak
सोना और चांदी के दाम में शुक्रवार को भारी गिरावट देखने को मिली. इस बीच, सिल्वर और गोल्ड ईटीएफ भी तेजी से गिरे. एक सवाल उठ रहा है कि इन निवेशकों को क्या करना चाहिए?
पिछले कुछ समय से सोने और चांदी के दाम (Gold-Silver Price) में गजब की तेजी आई है. चांदी एक ही महीने में 1 लाख रुपये से ज्यादा चढ़ गई, जबकि सोना भी 30 से 40 हजार रुपये चढ़ चुका है. हालांकि शुक्रवार को इन मेटल में भारी गिरावट देखने को मिला. MCX पर चांदी 34000 रुपये तक गिर गई और 3,66,000 रुपये पर आ गई. इसी तरह, सोने के दाम में भी 5000 रुपये की गिरावट आई और यह 179000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था.
शुक्रवार को सोने और चांदी में इतनी बड़ी गिरावट के बाद गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ के दाम टूट गए थे. Gold-Silver ETFs के रेट्स में शुक्रवार को 14 फीसदी तक की गिरावट आई. सोने-चांदी और ईटीएफ में यह तगड़ी गिरावट मुनाफावसूली के कारण आई है.
वहीं इस गिरावट के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या गोल्ड और सिल्वर में निवेश के नए मौके बन रहे हैं या फिर गोल्ड और सिल्वर में रैली समाप्त हो चुकी है. आइए जानते हैं गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ खरीदारों को अब क्या करना चाहिए?
14% तक टूटे सिल्वर और गोल्ड ETFs जेरोधा सिल्वर ईटीएफ और SBI सिल्वर ईटीएफ 14 फीसदी गिर गए, जबकि निप्पॉन इंडिया सिल्वर ईटीएफ 14 फीसदी और कोटक सिल्वर ईटीएफ 12 फीसदी तक टूट गए. Gold ETFs में निप्पॉन इंडिया गोल्ड ईटीएफ 10 फीसदी गिर गया, ICICI प्रूडेंशियल गोल्ड ईटीएफ 6% गिर गया और टाटा गोल्ड ईटीएफ में भी 8% तक की गिरावट देखने को मिली.
सोने और चांदी में गिरावट की क्या है वजह? डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि वह शुक्रवार को फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल की जगह अपने किसी पसंदीदा व्यक्ति को रखना चाहते हैं, जिसके बाद पूर्व फेड गवर्नर केविन वार्श को संभावित पसंद के रूप में सुझाया जाने लगा. जैसे ही यह बड़ा उलटफेर सामने आया डॉलर में तेजी और सोने-चांदी के दाम में भारी गिरावट आने लगी. ट्रंप के इस पोस्ट के बाद मुनाफावसूली शुरू हुई और एक्सपर्ट्स ने भी निवेशकों को किसी भी खरीदारी से सतर्क रहने की सलाह दी है. सोना, चांदी निवेशक क्या करें? इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, बिकवाली के बावजूद बाजार आशावादी बना हुआ है. यूबीएस ने बढ़े हुए निवेश के कारण अपेक्षा से अधिक मजबूत मांग का हवाला देते हुए मार्च, जून और सितंबर 2026 के लिए अपने सोने की कीमत का लक्ष्य 5,000 डॉलर के पहले पूर्वानुमान से बढ़ाकर 6,200 डॉलर प्रति औंस कर दिया है.
वहीं एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि अमेरिका-ईरान तनाव और मजबूत सुरक्षित निवेश के कारण कीमती धातु की कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है, जिससे पता चलता है कि तेजी के बुनियादी कारक बरकरार हैं. बाजार विशेषज्ञ मौजूदा सुधार को ट्रेंड रिवर्सल के बजाय खरीदारी के अवसर के रूप में देखते हैं.













