
G-20 Traffic Advisory: दिल्ली में कौन-से रूट्स बंद, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जाने के लिए क्या करें, जानिए
AajTak
मालवाहक वाहनों और बसों को छोड़कर सामान्य यातायात को रजोकरी सीमा से दिल्ली में प्रवेश की अनुमति होगी. इसके अलावा, इस यातायात को अनिवार्य रूप से NH-48 से राव तुला राम मार्ग - ओलोफ पाल्मे मार्ग पर डायवर्ट किया जाएगा. NH-48 पर धौला कुआँ की ओर किसी भी वाहन की आवाजाही की अनुमति नहीं होगी.
राजधानी दिल्ली में G20 समिट के आयोजन को लेकर कई इलाकों में कुछ गाड़ियों के आने-जाने पर प्रतिबंध रहेगा जबकि कुछ गाड़ियों को इससे छूट मिलेगी. सभी प्रकार के माल वाहन, वाणिज्यिक वाहन, अंतरराज्यीय बसें और स्थानीय सिटी बसें जैसे दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) बसें और दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल ट्रांजिट सिस्टम (डीआईएमटीएस) बसें मथुरा रोड (आश्रम चौक से आगे), भैरों रोड, पुराना किला रोड और प्रगति मैदान सुरंग के अंदर 7 और 8 सितंबर की मध्यरात्रि 12 बजे से 10 सितंबर की रात 11:59 बजे तक नहीं चलेंगी.
भारी माल वाहन (एचजीवी), मध्यम माल वाहन (एमजीवी) और हल्के माल वाहन (एलजीवी) को 7 सितंबर को रात 9 बजे से 10 सितंबर को रात 11:59 बजे तक दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी. हालांकि, आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले माल वाहन जैसे दूध, सब्जियां, फल, चिकित्सा आपूर्ति, वैध 'नो एंट्री परमिशन' होने पर दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी.
नई दिल्ली जिले का संपूर्ण क्षेत्र 8 सितंबर सुबह 5 बजे से 10 सितंबर रात 11:59 बजे तक "नियंत्रित क्षेत्र-I" माना जाएगा.
हालांकि, निम्नलिखित श्रेणियों के वाहनों की आवाजाही को उपरोक्त प्रतिबंधों से छूट दी जाएगी:
i) दिल्ली में पहले से मौजूद बसों सहित सभी प्रकार के वाणिज्यिक वाहनों को रिंग रोड और सड़क नेटवर्क पर रिंग रोड से आगे दिल्ली की सीमाओं की ओर जाने की अनुमति दी जाएगी.
ii) नई दिल्ली जिले के अंदर स्थित होटलों में वैध बुकिंग वाले वास्तविक निवासियों और पर्यटकों को ले जाने वाली और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने की इच्छुक टैक्सियों को नई दिल्ली जिले के अंदर सड़क नेटवर्क पर चलने की अनुमति दी जाएगी. iii) मालवाहक वाहनों और बसों को छोड़कर सामान्य यातायात को रजोकरी सीमा से दिल्ली में प्रवेश की अनुमति होगी. इसके अलावा, इस यातायात को अनिवार्य रूप से NH-48 से राव तुला राम मार्ग - ओलोफ पाल्मे मार्ग पर डायवर्ट किया जाएगा. NH-48 पर धौला कुआँ की ओर किसी भी वाहन की आवाजाही की अनुमति नहीं होगी.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.









