
EU या रूस… यूक्रेन जैसा रास्ता चुनने पर इस देश को पुतिन की कड़ी चेतावनी
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अर्मेनिया को साफ संदेश दिया है कि वह एक साथ EU और रूस के आर्थिक ब्लॉक में नहीं रह सकता. यूक्रेन जैसे हालात का संकेत देते इस बयान ने क्षेत्रीय राजनीति में हलचल बढ़ा दी है. अर्मेनिया अब पश्चिम और रूस के बीच संतुलन बनाने की चुनौती में फंस गया है.
दुनिया की राजनीति में एक बार फिर वही पुराना सवाल उभर रहा है, पश्चिम या रूस? और इस बार यह सवाल अर्मेनिया के सामने खड़ा है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अर्मेनिया को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वह एक साथ दो नावों पर सवार नहीं रह सकता. या तो यूरोप का रास्ता चुनना होगा या फिर रूस के साथ बने रहना होगा.
मॉस्को में अर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिनयान के साथ बातचीत के दौरान पुतिन ने कहा कि अर्मेनिया अगर यूरोपीय यूनियन में शामिल होने की कोशिश करता है, तो वह रूस के नेतृत्व वाले यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन का हिस्सा नहीं रह सकता. उन्होंने साफ कहा कि दोनों आर्थिक व्यवस्थाएं अलग-अलग नियमों पर चलती हैं और दोनों के बीच संतुलन बनाना संभव नहीं है.
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पुतिन का यह बयान सिर्फ एक आर्थिक टिप्पणी नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संदेश भी माना जा रहा है. कुछ हद तक यह स्थिति यूक्रेन जैसी दिखती है, जहां पश्चिम के करीब जाने की कोशिश ने बड़े युद्ध का रूप ले लिया. हालांकि, अर्मेनिया की भौगोलिक स्थिति और परिस्थितियां अलग हैं, लेकिन रूस का सख्त रुख साफ संकेत देता है कि वह अपने प्रभाव क्षेत्र को कमजोर नहीं होने देना चाहता.
अर्मेनिया-रूस के रिश्ते में आई खटास
पिछले कुछ सालों में अर्मेनिया ने धीरे-धीरे पश्चिम के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने की कोशिश की है. 2023 में नागोर्नो-कारबाख पर अजरबैजान के कब्जे के बाद अर्मेनिया और रूस के रिश्तों में खटास आ गई. अर्मेनिया का आरोप था कि वहां तैनात रूसी शांति सैनिक उसकी रक्षा नहीं कर पाए. वहीं, रूस का कहना था कि उसके पास हस्तक्षेप करने का स्पष्ट अधिकार नहीं था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार रात राष्ट्र को संबोधित करते हुए ईरान के खिलाफ जंग जारी रखने का साफ संकेत दिया है. ट्रंप ने इसे 'थोड़े दर्द के बाद बड़े लाभ' की रणनीति बताया है. विशेषज्ञों का मानना है कि ये भाषण घरेलू जनता को शांत करने और आगामी हफ्तों में निर्णायक सैन्य कार्रवाई की जमीन तैयार करने के लिए था.

अमेरिका और ईरान के बीच छिड़े युद्ध को एक महीना हो चुका है. एक ऐसा युद्ध, जो अमेरिका के अलावा दुनिया में कोई नहीं चाहता था. लेकिन अब तबाही का दायरा और बढ़ गया है. यमन के हूती बागियों ने इजरायल पर मिसाइलें दाग दी हैं. और सबसे खतरनाक बात ये है कि ये बागी दुनिया की सबसे बड़ी तेल लाइफलाइन यानी 'बाब अल-मंदेब' (Bab al-Mandab) के मुहाने पर बैठे हैं. देखें कूटनीति.

Donald Trump Full Speech: ईरान-अमेरिका-इज़रायल के बीच जारी संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन दिया. 19 मिनट के भाषण में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान में जारी ऑपरेशन को लेकर अपडेट दिया. अपने संबोधन में ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा,

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में दावा किया कि अमेरिका ने ईरान में बड़ी सैन्य सफलता हासिल की है. उन्होंने कहा कि ईरान की सेना, नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान हुआ है और मिसाइल क्षमता कमजोर हुई है. ट्रंप के मुताबिक, युद्ध अपने अंतिम चरण में है और अमेरिका अपने लक्ष्य लगभग हासिल कर चुका है.

सैन डिएगो की क्लब डांसर चार्म डेज ने दावा किया है कि युवा अमेरिकी सैनिक अपनी आने वाली तैनाती के बारे में बेझिझक जानकारी दे रहे हैं. ये क्लब नेवल बेस सैन डिएगो और कैंप पेंडलेटन जैसे बड़े मिलिट्री बेस के पास है. हालांकि, डेज ने किसी विशेष यूनिट या मिशन की जानकारी साझा नहीं की, लेकिन उसके दावों को अमेरिका की संभावित बड़ी सैन्य तैयारी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.

आज सबसे पहले हम आपको बताएंगे कि ईरान-अमेरिका युद्ध में आज की रात भयानक कैसे हो सकती है? पूरी आशंका है कि आज अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया को बहुत बड़ा सरप्राइज दे सकते हैं. या फिर ईरान पूरी दुनिया को चौंका सकता है. इस समय ट्रंप की उंगली सरप्राइज बटन पर है, वो अभी तक अपने बयानों से लोगों को चौंका रहे हैं. हर बार उनका नया बयान लोगों के लिए एक सरप्राइज ही साबित हो रहा है. कभी वो कहते हैं कि उन्होंने ईरान को तबाह कर दिया है. कभी वो कहते हैं कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पूरी तरह खुला है. कभी वो कहते हैं कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज नहीं खोला तो ईरान को पाषाण युग में भेज देंगे. कभी वो कहते हैं कि ईरान से अच्छी बातचीत चल रही है, फिर वो कहते हैं कि ईरान सीजफायर के लिए गिड़गिड़ा रहा है. फिर अचानक से कहते हैं कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खुले या बंद रहे अमेरिका इस युद्ध से बाहर हो जाएगा. एकदम से वो NATO और यूरोप के देशों पर भड़क जाते हैं. और कहते हैं कि NATO किसी काम का नहीं है, अमेरिका इससे अलग होने पर विचार करेगा.

ट्रंप जो पल में तोला, पल में माशा वाले बयान देते आ रहे हैं. सब जानना चाहते हैं कि जल्द ही ईरान से बाहर निकलने की बात करने वाले ट्रंप क्या वाकई युद्ध से बाहर निकलेंगे. वो क्या बोलेंगे. युद्ध खत्म करने को लेकर बोलेंगे? क्या युद्ध जल्द खत्म करने की डेडलाइन देंगे? क्या बताएंगे कि वो युद्ध से किस शर्त पर बाहर निकलेंगे? क्या ट्रंप का बयान उनका झुकना माना जाएगा? क्या ट्रंप ईरान की बात मान लेंगे?

अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस महायुद्ध में फिर दोहराया है कि 'हम बहुत जल्द ईरान से बाहर निकल जाएंगे,' लेकिन ट्रंप ने समय-सीमा नहीं बताई है. ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका से सीजफायर की मांग की है. ईरान की नई लीडरशिप पहले के मुकाबले कम कट्टर और ज्यादा समझदार है. लेकिन हम तभी विचार करेंगे जब होर्मुज स्ट्रेट सबके लिए खुला रहेगा, वरना हम बड़ा हमला करेंगे. इस बीच ईरान ने फिर दावा किया है कि उसने अमेरिका से किसी तरह की सीजफायर की मांग नहीं की है. चौथी बड़ी खबर ये है कि ईरान के विदेश मंत्री ने साफ कह दिया है कि ईरान छह महीने लड़ने के लिए तैयार हैं. वहीं पांचवीं खबर NATO से जुड़ी हुई है. ट्रंप ने कहा है कि हम नाटो से निकलने के बारे में विचार कर रहे हैं. ट्रंप ने चिढ़ाते हुए कहा है कि नाटो कागजी शेर है.

ईरान ने कल कहा था कि वो खाड़ी देशों में अमेरिकी कंपनियों के ठिकानों पर हमला करेगा. उसने ऐसा करना शुरू भी कर दिया है बहरीन में Amazon के क्लाउड कंप्यूटिंग सेंटर को ईरानी हमले में नुकसान पहुंचा है. ईरान की तरफ से सभी खाड़ी देशों में अमेरिका की 18 बड़ी कंपनियों को निशाना बनाने की धमकी दी थी. इसके जवाब में अमेरिका ने कहा था कि वो तैयार है अमेरिकी कंपनियों के ठिकानों की सुरक्षा करेगा.




