
पेट्रोल 4 डॉलर पार, जनता नाराज... क्या मिड-टर्म चुनाव ट्रंप को ईरान जंग से पीछे हटने पर मजबूर कर रहा?
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ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पर घरेलू दबाव बढ़ता दिख रहा है. पेट्रोल की कीमतें 4 डॉलर प्रति गैलन पार पहुंच गई हैं, जिससे जनता में नाराजगी है. सर्वे में दो-तिहाई अमेरिकी जंग खत्म करने के पक्ष में हैं. इतिहास भी बताता है कि महंगाई चुनावी नतीजों को प्रभावित करती है. ऐसे में मिड-टर्म चुनाव ट्रंप की रणनीति बदलने की बड़ी वजह बन सकते हैं.
ईरान को पूरी तरह मसलने पर आमादा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अचानक नरम क्यों पड़ते दिखे, इस सवाल का पुख्ता जवाब तो किसी के पास नहीं है. लेकिन इसकी एक वजह नवंबर में होने वाले मिड-टर्म इलेक्शन माने जा सकते हैं, जो ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में उनका पहला सियासी इम्तिहान है.
जंग के बीच ट्रंप अपनी रैलियों में ईरान पर हमले को देश की सुरक्षा से जोड़ रहे हैं, लेकिन जनता तेल और गैस की बढ़ती कीमतों से परेशान है. अमेरिका में पेट्रोल की कीमत सोमवार को तीन साल में सबसे ज्यादा बढ़कर 4 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर पहुंच गई.
अमेरिका में बढ़ती महंगाई ट्रंप के खिलाफ बढ़ते विरोध को और हवा दे रही है. देशभर में उनके खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं. जंग को लेकर जनता के गुस्से की झलक ताजा सर्वे में भी देखने को मिलती है.
सर्वे में युद्ध खत्म करने की मांग
रॉयटर्स-इप्सोस के ताजा सर्वे में दो-तिहाई लोगों का मानना है कि अमेरिका को ईरान युद्ध में अपनी भागीदारी जल्द से जल्द खत्म करनी चाहिए, भले ही सरकार अपने सभी लक्ष्य हासिल न कर पाई हो. शुक्रवार से रविवार के बीच किए गए इस सर्वे में करीब 66 फीसदी लोगों ने यही राय दी.
वहीं 22 फीसदी लोगों का कहना है कि अमेरिका को अपने सभी टारगेट हासिल करने चाहिए, भले ही इसके लिए संघर्ष लंबा क्यों न चले. जबकि 6 फीसदी लोगों ने इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार रात राष्ट्र को संबोधित करते हुए ईरान के खिलाफ जंग जारी रखने का साफ संकेत दिया है. ट्रंप ने इसे 'थोड़े दर्द के बाद बड़े लाभ' की रणनीति बताया है. विशेषज्ञों का मानना है कि ये भाषण घरेलू जनता को शांत करने और आगामी हफ्तों में निर्णायक सैन्य कार्रवाई की जमीन तैयार करने के लिए था.

अमेरिका और ईरान के बीच छिड़े युद्ध को एक महीना हो चुका है. एक ऐसा युद्ध, जो अमेरिका के अलावा दुनिया में कोई नहीं चाहता था. लेकिन अब तबाही का दायरा और बढ़ गया है. यमन के हूती बागियों ने इजरायल पर मिसाइलें दाग दी हैं. और सबसे खतरनाक बात ये है कि ये बागी दुनिया की सबसे बड़ी तेल लाइफलाइन यानी 'बाब अल-मंदेब' (Bab al-Mandab) के मुहाने पर बैठे हैं. देखें कूटनीति.

Donald Trump Full Speech: ईरान-अमेरिका-इज़रायल के बीच जारी संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन दिया. 19 मिनट के भाषण में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान में जारी ऑपरेशन को लेकर अपडेट दिया. अपने संबोधन में ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा,

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में दावा किया कि अमेरिका ने ईरान में बड़ी सैन्य सफलता हासिल की है. उन्होंने कहा कि ईरान की सेना, नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान हुआ है और मिसाइल क्षमता कमजोर हुई है. ट्रंप के मुताबिक, युद्ध अपने अंतिम चरण में है और अमेरिका अपने लक्ष्य लगभग हासिल कर चुका है.

सैन डिएगो की क्लब डांसर चार्म डेज ने दावा किया है कि युवा अमेरिकी सैनिक अपनी आने वाली तैनाती के बारे में बेझिझक जानकारी दे रहे हैं. ये क्लब नेवल बेस सैन डिएगो और कैंप पेंडलेटन जैसे बड़े मिलिट्री बेस के पास है. हालांकि, डेज ने किसी विशेष यूनिट या मिशन की जानकारी साझा नहीं की, लेकिन उसके दावों को अमेरिका की संभावित बड़ी सैन्य तैयारी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.

आज सबसे पहले हम आपको बताएंगे कि ईरान-अमेरिका युद्ध में आज की रात भयानक कैसे हो सकती है? पूरी आशंका है कि आज अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया को बहुत बड़ा सरप्राइज दे सकते हैं. या फिर ईरान पूरी दुनिया को चौंका सकता है. इस समय ट्रंप की उंगली सरप्राइज बटन पर है, वो अभी तक अपने बयानों से लोगों को चौंका रहे हैं. हर बार उनका नया बयान लोगों के लिए एक सरप्राइज ही साबित हो रहा है. कभी वो कहते हैं कि उन्होंने ईरान को तबाह कर दिया है. कभी वो कहते हैं कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पूरी तरह खुला है. कभी वो कहते हैं कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज नहीं खोला तो ईरान को पाषाण युग में भेज देंगे. कभी वो कहते हैं कि ईरान से अच्छी बातचीत चल रही है, फिर वो कहते हैं कि ईरान सीजफायर के लिए गिड़गिड़ा रहा है. फिर अचानक से कहते हैं कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खुले या बंद रहे अमेरिका इस युद्ध से बाहर हो जाएगा. एकदम से वो NATO और यूरोप के देशों पर भड़क जाते हैं. और कहते हैं कि NATO किसी काम का नहीं है, अमेरिका इससे अलग होने पर विचार करेगा.

ट्रंप जो पल में तोला, पल में माशा वाले बयान देते आ रहे हैं. सब जानना चाहते हैं कि जल्द ही ईरान से बाहर निकलने की बात करने वाले ट्रंप क्या वाकई युद्ध से बाहर निकलेंगे. वो क्या बोलेंगे. युद्ध खत्म करने को लेकर बोलेंगे? क्या युद्ध जल्द खत्म करने की डेडलाइन देंगे? क्या बताएंगे कि वो युद्ध से किस शर्त पर बाहर निकलेंगे? क्या ट्रंप का बयान उनका झुकना माना जाएगा? क्या ट्रंप ईरान की बात मान लेंगे?

अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस महायुद्ध में फिर दोहराया है कि 'हम बहुत जल्द ईरान से बाहर निकल जाएंगे,' लेकिन ट्रंप ने समय-सीमा नहीं बताई है. ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका से सीजफायर की मांग की है. ईरान की नई लीडरशिप पहले के मुकाबले कम कट्टर और ज्यादा समझदार है. लेकिन हम तभी विचार करेंगे जब होर्मुज स्ट्रेट सबके लिए खुला रहेगा, वरना हम बड़ा हमला करेंगे. इस बीच ईरान ने फिर दावा किया है कि उसने अमेरिका से किसी तरह की सीजफायर की मांग नहीं की है. चौथी बड़ी खबर ये है कि ईरान के विदेश मंत्री ने साफ कह दिया है कि ईरान छह महीने लड़ने के लिए तैयार हैं. वहीं पांचवीं खबर NATO से जुड़ी हुई है. ट्रंप ने कहा है कि हम नाटो से निकलने के बारे में विचार कर रहे हैं. ट्रंप ने चिढ़ाते हुए कहा है कि नाटो कागजी शेर है.





