
Artemis II मिशन से क्या हासिल करना चाहता है NASA? जानें 10 दिनों की मून ऑर्बिट का फुल प्लान
AajTak
अपोलो युग के बाद पहली बार इंसानों को चांद के करीब भेजने वाला नासा का ऐतिहासिक आर्टेमिस II मिशन बुधवार को लॉन्च हो गया है. दस दिनों के इस सफर में चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की कक्षा का चक्कर लगाकर सुरक्षित धरती पर वापस लौटेंगे. ये मिशन भविष्य के मून लैंडिंग अभियानों का रास्ता साफ करेगा.
NASA ने एक अप्रैल को अपने आर्टेमिस II मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया. ये 1972 के अपोलो युग के बाद पहला क्रूड लूनर मिशन है, जिसमें चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर हाई-स्पीड यात्रा करके वापस पृथ्वी पर लौटेंगे. ये मिशन लगभग 10 दिनों तक चलेगा और भविष्य में चंद्रमा की सतह पर अंतरिक्ष यात्रियों को उतारने की तैयारी करेगा. आर्टेमिस II मिशन का मुख्य उद्देश्य ऑरियन स्पेसक्राफ्ट के सिस्टम्स को अंतरिक्ष में परीक्षण करना, हाई-एनर्जी री-एंट्री का टेस्ट करना और आर्टेमिस प्रोग्राम के अगले चरणों (जैसे Artemis III में चंद्रमा लैंडिंग) के लिए रास्ता तैयार करना है.
लॉन्चिंग डे आर्टेमिस II ने फ्लोरिडा स्थित केनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान भरी. लॉन्च के बाद ओरियन क्रू कैप्सूल रॉकेट के ऊपरी हिस्से से अलग होकर पृथ्वी की एक अंडाकार कक्षा में एंटर कर गया है.
दिन 1–2: पृथ्वी ऑर्बिट में जांच पहले और दूसरे दिन अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी की ऊंची कक्षा में रहकर ओरियन के महत्वपूर्ण सिस्टम की जांच करेंगे, जिसमें लाइफ सपोर्ट सिस्टम, प्रोपल्शन, नेविगेशन और ऑक्सीजन सप्लाई की टेस्टिंग शामिल है. ये परीक्षण यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी हैं कि अंतरिक्ष यान गहरे अंतरिक्ष की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार है. जांच के बाद ओरियन का इंजन 'ट्रांसलूनर इंजेक्शन' प्रक्रिया के जरिए ओरियन को पृथ्वी की कक्षा से बाहर चांद की ओर भेजा जाएगा.दिन 3–4: चंद्रमा की ओर यात्रा तीसरे और चौथे दिन अंतरिक्ष यात्री चांद की ओर बढ़ते हुए पृथ्वी से अब तक की सबसे लंबी दूरी तय करेंगे. इस दौरान मिशन कंट्रोल संचार और नेविगेशन की जांच करता रहेगा.चंद्रमा फ्लाई बाय मिशन के बीच में ओरियन चंद्रमा के पीछे 'फ्री-रिटर्न' से गुजरेगा. ये एक प्राकृतिक रास्ता है जो यान को अपने आप धरती की दिशा में मोड़ देगा.दिन 5–8: पृथ्वी की ओर वापसी चंद्रमा के पास से गुजरने के बाद अंतरिक्ष यात्री कई दिनों तक पृथ्वी की ओर लौटेंगे. इस दौरान गहरे अंतरिक्ष में पावर सिस्टम, थर्मल कंट्रोल और क्रू ऑपरेशन से जुड़े परीक्षण जारी रहेंगे.
पृथ्वी पर वापसी धरती के करीब पहुंचते ही ओरियन 25,000 मील प्रति घंटे की रफ्तार से वायुमंडल में प्रवेश करेगा. इस दौरान हीट शील्ड की क्षमता का परीक्षण किया जाएगा. लास्ट में यान प्रशांत महासागर में उतरेगा, जहां रिकवरी टीम अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित वापस लाएगी.

आज सबसे पहले हम आपको बताएंगे कि ईरान-अमेरिका युद्ध में आज की रात भयानक कैसे हो सकती है? पूरी आशंका है कि आज अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया को बहुत बड़ा सरप्राइज दे सकते हैं. या फिर ईरान पूरी दुनिया को चौंका सकता है. इस समय ट्रंप की उंगली सरप्राइज बटन पर है, वो अभी तक अपने बयानों से लोगों को चौंका रहे हैं. हर बार उनका नया बयान लोगों के लिए एक सरप्राइज ही साबित हो रहा है. कभी वो कहते हैं कि उन्होंने ईरान को तबाह कर दिया है. कभी वो कहते हैं कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पूरी तरह खुला है. कभी वो कहते हैं कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज नहीं खोला तो ईरान को पाषाण युग में भेज देंगे. कभी वो कहते हैं कि ईरान से अच्छी बातचीत चल रही है, फिर वो कहते हैं कि ईरान सीजफायर के लिए गिड़गिड़ा रहा है. फिर अचानक से कहते हैं कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खुले या बंद रहे अमेरिका इस युद्ध से बाहर हो जाएगा. एकदम से वो NATO और यूरोप के देशों पर भड़क जाते हैं. और कहते हैं कि NATO किसी काम का नहीं है, अमेरिका इससे अलग होने पर विचार करेगा.

ट्रंप जो पल में तोला, पल में माशा वाले बयान देते आ रहे हैं. सब जानना चाहते हैं कि जल्द ही ईरान से बाहर निकलने की बात करने वाले ट्रंप क्या वाकई युद्ध से बाहर निकलेंगे. वो क्या बोलेंगे. युद्ध खत्म करने को लेकर बोलेंगे? क्या युद्ध जल्द खत्म करने की डेडलाइन देंगे? क्या बताएंगे कि वो युद्ध से किस शर्त पर बाहर निकलेंगे? क्या ट्रंप का बयान उनका झुकना माना जाएगा? क्या ट्रंप ईरान की बात मान लेंगे?

अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस महायुद्ध में फिर दोहराया है कि 'हम बहुत जल्द ईरान से बाहर निकल जाएंगे,' लेकिन ट्रंप ने समय-सीमा नहीं बताई है. ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका से सीजफायर की मांग की है. ईरान की नई लीडरशिप पहले के मुकाबले कम कट्टर और ज्यादा समझदार है. लेकिन हम तभी विचार करेंगे जब होर्मुज स्ट्रेट सबके लिए खुला रहेगा, वरना हम बड़ा हमला करेंगे. इस बीच ईरान ने फिर दावा किया है कि उसने अमेरिका से किसी तरह की सीजफायर की मांग नहीं की है. चौथी बड़ी खबर ये है कि ईरान के विदेश मंत्री ने साफ कह दिया है कि ईरान छह महीने लड़ने के लिए तैयार हैं. वहीं पांचवीं खबर NATO से जुड़ी हुई है. ट्रंप ने कहा है कि हम नाटो से निकलने के बारे में विचार कर रहे हैं. ट्रंप ने चिढ़ाते हुए कहा है कि नाटो कागजी शेर है.

ईरान ने कल कहा था कि वो खाड़ी देशों में अमेरिकी कंपनियों के ठिकानों पर हमला करेगा. उसने ऐसा करना शुरू भी कर दिया है बहरीन में Amazon के क्लाउड कंप्यूटिंग सेंटर को ईरानी हमले में नुकसान पहुंचा है. ईरान की तरफ से सभी खाड़ी देशों में अमेरिका की 18 बड़ी कंपनियों को निशाना बनाने की धमकी दी थी. इसके जवाब में अमेरिका ने कहा था कि वो तैयार है अमेरिकी कंपनियों के ठिकानों की सुरक्षा करेगा.

दुनिया ने काउंटडाउन शुरू कर दिया है, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप युद्ध पर बड़ा ऐलान कर सकते हैं. भारतीय समय के मुताबिक कल सुबह साढ़े 6 बजे ट्रंप अमेरिका के लोगों के लिए राष्ट्र के नाम संदेश देंगे. ट्रंप का ये संदेश बेहद अहम हो सकता है क्योंकि उन्होंने कह दिया है कि 2 से 3 हफ्तों में ईरान युद्ध से अमेरिका निकलने वाला है. ट्रंप ने ये संकेत भी दिया है कि ईरान के साथ डील हो या नहीं हो, वो युद्ध को रोक देंगे. लेकिन क्या ट्रंप जो कह रहे हैं, वही सच होगा? बीते 1 महीनों में युद्ध पर ट्रंप ने कई बार सरप्राइज दिए हैं. क्या ईरान युद्ध से निकलने की ये टाइमलाइन भी कोई रणनीति है? सवाल ये भी है कि क्या अब ईरान युद्ध को रोकेगा? क्योंकि ईरान की चेतावनी बेहद गंभीर है.

आज का दंगल ईरान की जंग से तंग हो रही दुनिया को लेकर है. जिसमें पहले 3 बडी खबरें बता दें. पहली बड़ी खबर आ रही है कि होर्मुज के बंद होने से दुनिया में जो तेल गैस का हाहाकार मचा है उसे लेकर अब 35 देशों ने साझा कॉन्फरेंस की तैयारी कर ली है. ब्रिटेन में होने वाले इस सम्मेलन में होर्मुज की खाड़ी से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही का उपाय तलाशना है. एक और बडी खबर है कि बहरीन ने यूएन सिक्योरिटी काउंसिल में होर्मुज से सुरक्षित आवाजाही को लेकर प्रस्ताव लाया है. यूएन और खाडी के देशों ने इसे समर्थन दिया है लेकिन इस प्रस्ताव को पास होने के लिए 9 वोट की जरूरत है और किसी देश का वीटो भी नहीं होना चाहिए. अगर प्रस्ताव पास होता है तो होर्मुज से जहाजों की आवाजाही निगरानी में हो सकती है. तीसरी बडी खबर है कि यूएई से प्रोपेन और ब्यूटेन गैस लेकर भारत के दो जहाज आज मुंबई और न्यू मेंगलोर पहुंच चुके हैं.

होर्मुज संकट केवल व्यापार का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह वैश्विक शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बन गया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव के बीच बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव में नरमी दिखाई है. बहरीन का संशोधित ड्राफ्ट यह दर्शाता है कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिदृश्य में पश्चिमी देश भी रूस-चीन की 'वीटो पावर' को नजरअंदाज नहीं कर सकते.

अमरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिकी समय के मुताबिक बुधवार रात 9 बजे देश को संबोधित करने वाले हैं...लेकिन इससे पहले मंगलवार की रात उन्होंने ईरान युद्ध से पीछे हटने की बात कही..ऐसे में लोगों के मन में ट्रंप के बयान को लेकर सवाल उठ रहे हैं...कि क्या ऐसा सच में होने वाला है..क्यों कि ट्रंप कभी भी अपने एक बयान पर कायम नहीं रहते.

अर्जेंटीना का यह फैसला अमेरिका की नीति के अनुरूप माना जा रहा है. सरकार ने IRGC पर 1994 के AMIA बम धमाके में हिज्बुल्लाह को समर्थन देने का आरोप लगाया है. इस कदम से ईरानी सैन्य संगठन पर अब वित्तीय प्रतिबंध और सख्त कार्रवाई संभव होगी. इससे पहले अर्जेंटीना मैक्सिको के एक ड्रग कार्टेल को भी आतंकी घोषित कर चुका है.




