
DU और सेंट स्टीफंस कॉलेज के बीच गरमाया विवाद, ईसाई छात्रों के लिए तय सीट से ज्यादा भरने पर बवाल
AajTak
दिल्ली विश्वविद्यालय ने सेंट स्टीफंस कॉलेज पर ईसाई उम्मीदवारों के लिए तय सीटों से अधिक सीटें भरने और कुछ BA पाठ्यक्रमों में सीयूईटी-योग्य उम्मीदवारों के बावजूद सीटें खाली छोड़ने का आरोप लगाया है. कॉलेज ने डीयू पर पोर्टल की देरी का आरोप लगाया और छात्रों के कक्षाएं छूटने की बात कही है.
दिल्ली विश्वविद्यालय ने सोमवार को सेंट स्टीफंस कॉलेज पर आरोप लगाया कि कॉलेज ने ईसाई उम्मीदवारों के लिए तय की गई सीटों से अधिक सीटें भर ली हैं. इसके अलावा, कॉलेज ने CUET स्कोर के आधार पर उम्मीदवारों के मानदंड पूरे होने के बावजूद कुछ BA पाठ्यक्रमों में सीटें खाली छोड़ दी हैं.
सेंट स्टीफंस कॉलेज द्वारा भेजी गई सूची की जांच शुरू करने के बाद, दिल्ली विश्वविद्यालय ने कुछ "महत्वपूर्ण और चिंताजनक" मुद्दे पाए हैं, जिनकी वजह से वह आवंटन प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं. विश्वविद्यालय ने यह जानकारी ईसाई अल्पसंख्यक कॉलेजों में ईसाई उम्मीदवारों के लिए सीट आवंटन के बारे में जारी एक सार्वजनिक नोटिस में दी है.
DU पर लगाया समय से पोर्टल ना खोलने का आरोप
नोटिस में, दिल्ली विश्वविद्यालय ने कहा कि बीएससी (H) रसायन विज्ञान और बीएससी (H) भौतिकी जैसे कुछ लोकप्रिय पाठ्यक्रमों में, सीयूईटी-योग्य उम्मीदवारों बावजूद सीटें खाली छोड़ दी गई हैं. सेंट स्टीफंस कॉलेज के प्रिंसिपल जॉन वर्गीस की ओर से इन आरोपों पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. हालांकि, 30 अगस्त को कॉलेज की वेबसाइट पर जारी एक नोटिस में वर्गीस ने दावा किया कि डीयू ने ईसाई अल्पसंख्यक छात्रों के लिए अपना प्रवेश पोर्टल - कॉमन सीट अलॉटमेंट सिस्टम (CSS) नहीं खोला, जिससे वे 29 अगस्त से शुरू होने वाली कक्षाओं में शामिल नहीं हो पाए.
सेंट स्टीफंस ने चेतावनी दी थी कि अगर विश्वविद्यालय 31 अगस्त को शाम 5 बजे तक पोर्टल नहीं खोलता है, तो कॉलेज यह सुनिश्चित करने के लिए उचित कानूनी उपाय करेगा कि इन छात्रों का भविष्य और "खतरे में" न पड़े. डीयू द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, कॉलेज ने 28 अगस्त को प्रवेश के लिए चुने गए उम्मीदवारों की कार्यक्रमवार सूची विश्वविद्यालय को भेजी थी.
डीयू के लेटर पर सेंट स्टीफंस ने तीन दिन बाद दिया जवाब

NCERT ने 3 से 8 साल तक के बच्चों के लिए ई-मैजिक बॉक्स ऐप लॉन्च किया है. इस प्लेटफॉर्म पर बच्चे मोबाइल या कंप्यूटर से पढ़ सकते हैं और नई-नई चीजें सीख सकते हैं. इसमें एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्मार्ट बॉट है, जो बच्चों की पढ़ाई में मदद करता है और उनके सवालों का आसान जवाब देता है. इसके साथ ही इसमें खेल-खेल में सीखने वाली गतिविधियां भी शामिल हैं.












