
Delhi Weather: अक्टूबर की बारिश ने तोड़ा 61 साल का रिकॉर्ड, राजधानी में यलो अलर्ट जारी
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Weather in Delhi: 1910 के बाद से अक्टूबर माह में और 24 घंटों में चौथी सबसे अधिक वर्षा है. अभी महीना खत्म होने में 13 दिन बचे हैं ऐसे में यही रुख रहा तो अक्टूबर में बरसात का रिकॉर्ड टूट सकता है
Weather in Delhi: राजधानी दिल्ली में मौसम सुहाना बना हुआ है. रविवार को राजधानी में मूसलाधार बारिश हुई और इस बारिश ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये. मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर महीने की इस बारिश ने 61 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है. अबतक अक्टूबर में 94.6 एमएम बारिश हुई है. वहीं इससे पहले 1960 में 93.4 एमएम बारिश हुई थी. अक्टूबर महीने में बारिश - 24 घंटे में सबसे अधिक बारिश -

ग्रेटर नोएडा में कोहरे के कारण पानी से भरे बेसमेंट में गिरी कार हादसे में 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई. मौके पर मौजूद डिलिवरी ब्वॉय ने रस्सी बांधकर पानी में उतरकर बचाने की कोशिश की. लेकिन युवराज को बचाया नहीं जा सका. नोएडा के इंजीनियर युवराज की मौत के बाद डिलिवरी ब्वॉय को क्यों धमका रही पुलिस?

ट्रंप की ईरान को दी गई उस धमकी के बारे में बताएंगे जिसमें उन्होंने कहा कि कि ईरान दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा. उनका ये बयान उस संदर्भ में आया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान ट्रंप की हत्या कर सकता है. इस पर ट्रंप ने कहा अगर उन्हें कुछ भी हुआ तो अमेरिका की सेनाएं ईरान को धरती के नक्शे से मिटा देंगी. आज इस बात का विश्लेषण करेंगे कि क्या वाकई ईरान ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है?

मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर विवाद गहराया है. अविमुक्तेश्वरानंद सरकार पर कड़े तेवर दिखा रहे हैं. उन पर शंकराचार्य के अपमान का आरोप लगा है. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर बैठकर अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान करने से प्रशासन ने रोक लगा दी. समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.









