
Cyclone Biporjoy ने रोकी Monsoon की रफ्तार, कब होगी बारिश? IMD ने बताया
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आईएमडी के महानिदेशक, मृत्युंजय महापात्रा का कहना है कि मॉनसून एक large-scale और ग्लोबल फेनोमिना है जबकि साइक्लोन एक लोकल फेनोमिना है इसीलिए बहुत बड़े स्तर पर साइक्लोन मॉनसून को प्रभावित नहीं करता है.
चक्रवाती तूफान बिपरजॉय की तबाही गुजरात के कई हिस्सों में देखने को मिली और कई राज्यों में इसके असर से तेज हवाएं और बारिश देखी गई. मॉनसून से पहले ही कई राज्यों में जोरदार बारिश हुई. इससे सवाल उठता है कि क्या चक्रवात का असर मॉनसून पर देखने को मिलेगा? आइये जानते हैं. पहले हम आपको ये समझा देते हैं कि साइक्लोन के समय समंदर में क्या हलचल होती है और ये मॉनसून के लिए बन रही गतिविधियों से कैसे अलग होती है.
साइक्लोन और मॉनसून के दौरान समंदर में क्या होता है?
जब भी साइक्लोन किसी समंदर के ऊपर आता है तो साइक्लोन के साथ बादलों से बारिश भी होती है. बारिश होने की वजह से समुद्री तल का का पानी ठंडा हो जाता है. इसके साथ-साथ साइक्लोन में हवा एंटी क्लॉक वाइज घूमती रहती है, इससे समुद्री तल का पानी भी घूमता रहता है. इससे नीचे का ठंडा पानी ऊपर आ जाता है. इस वजह से समुद्र में जिन इलाकों में साइक्लोन पहुंचता है, वहां पर तापमान 4 से 8 डिग्री तक गिर सकता है. साइक्लोन के जाने के बाद समुद्र का तापमान धीरे-धीरे बढ़ता है. जबकि मॉनसून को बढ़ने के लिए एक समंदर में अच्छे तापमान की जरूरत होती है.
साइक्लोन से प्रभावित हुआ मॉनसून?
अब सवाल उठता है कि क्या मॉनसून अब आगे नहीं बढ़ पा रहा. क्या इससे केरल के बाद अन्य राज्यों में मॉनसून की देर से एंट्री होगी? इस पर आईएमडी के महानिदेशक, मृत्युंजय महापात्रा का कहना है कि मॉनसून एक large-scale और ग्लोबल फेनोमिना है जबकि साइक्लोन एक लोकल फेनोमिना है इसीलिए बहुत बड़े स्तर पर साइक्लोन मॉनसून को प्रभावित नहीं करता है. शुरुआत में जब मॉनसून केरल में आया तब ही बिपरजॉय भी आया, इसने शुरुआती दिनों में मॉनसून को मदद की लेकिन कुछ दिनों के बाद यह उत्तर दिशा में बढ़ने लगा तो इसका पॉजिटिव इंपैक्ट खत्म हो गया और इसका मॉनसून पर निगेटिव असर शुरू हो गया.
कब आगे बढ़ेगा मॉनसून?

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