
Chardham Yatra 2022: अब तक 28 तीर्थयात्रियों की मौत, आखिर क्या है वजह?
AajTak
Chardham Yatra 2022: उत्तराखंड में चारधाम की यात्रा पर पहुंचने वाले 28 तीर्थयात्रियों की अब तक मौत हो चुकी है. वहीं सरकार का कहना है कि अधिकतर मौतें व्यवस्थाओं की कमी नहीं, बल्कि हार्ट अटैक से हुई हैं. सरकार ने केदारनाथ में NDRF और ITBP को पहली बार तैनात किया है. वहीं भीड़ को देखते हुए रजिस्ट्रेशन भी सीमित कर दिए गए हैं.
Chardham Yatra 2022: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू हुए एक हफ्ता हो चुका है. अब तक यात्रा करने वाले 28 लोगों की मौत हो चुकी है. ऐसे में सरकार की तैयारियों पर कई सवाल उठ रहे हैं. केदारनाथ धाम में सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ रही है. यहां की व्यवस्था दम तोड़ रही है. अब सरकार ने संज्ञान लेते हुए केदारनाथ में एनडीआरएफ और आईटीबीपी को पहली बार तैनात किया है. सरकार का दावा है कि चारधाम में अधिकतर मौतें व्यवस्थाओं की कमी नहीं, बल्कि हार्ट अटैक से हुई हैं.
उत्तराखंड में चारों धामों में हर दिन भारी भीड़ उमड़ रही है. 3 मई से शुरू हुई चारधाम यात्रा पर पहुंचने वाले 28 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है. उत्तराखंड के मुख्य सचिव एसएस संधू ने चारधाम की व्यवस्थाओं पर कहा कि चारधाम यात्रा में पहली बार NDRF के जवानों को तैनात किया गया है, ITBP भी तैनात है, जबकि SDRF पहले से मौजूद है. अगर जरूरत पड़ी तो सेना के लोगों को भी तैनात किया जाएगा.
यह भी पढ़ें: चारधाम की यात्रा से पहले जान लें स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी, श्रद्धालुओं का फिट होना जरूरी
मुख्य सचिव ने कहा कि चारधाम यात्रा में मौत का मुख्य कारण व्यवस्थाओं की कमी नहीं है, बल्कि हार्ट अटैक से लोगों की मौत हुई है. कुछ लोग पूर्व में कोविड संक्रमित हुए थे, उनकी मौत हुई है. मुख्य सचिव ने बताया कि भीड़ बढ़ने के बाद अब रजिस्ट्रेशन के बिना लोगों को नहीं जाने दिया जा रहा है. सीमित संख्या में रजिस्ट्रेशन किए जा रहे हैं, जिससे धाम में व्यवस्था न बिगड़े. उतने ही लोगों को भेजा जा रहा है, जितने लोगों की रुकने की व्यवस्था हो सके. बाकी लोगों को रोक दिया जा रहा है.
बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने से 12 मई की शाम तक 76968 तीर्थयात्री पहुंचे. वहीं आज शाम 4 बजे तक 8564 लोग पहुंचे. केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से 12 मई तक 130257 तीर्थयात्री पहुंचे. केदारनाथ धाम में आज शाम 4 बजे तक 15483 यात्री पहुंचे हैं. बद्रीनाथ-केदारनाथ पहुंचने वाले कुल तीर्थयात्रियों की संख्या 2,31,272 हो चुकी है.

राजस्थान के कोटपूतली में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक हाईटेंशन विद्युत लाइन को छूने के इरादे से बिजली के खंभे पर चढ़ गया. युवक को खंभे पर चढ़ा देख ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई. घटना की सूचना तुरंत पुलिस और प्रशासन को दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे. करीब दो घंटे तक चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद अधिकारियों और ग्रामीणों की समझाइश से युवक सुरक्षित नीचे उतर आया. गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ.

ग्रेटर नोएडा में कोहरे के कारण पानी से भरे बेसमेंट में गिरी कार हादसे में 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई. मौके पर मौजूद डिलिवरी ब्वॉय ने रस्सी बांधकर पानी में उतरकर बचाने की कोशिश की. लेकिन युवराज को बचाया नहीं जा सका. नोएडा के इंजीनियर युवराज की मौत के बाद डिलिवरी ब्वॉय को क्यों धमका रही पुलिस?

ट्रंप की ईरान को दी गई उस धमकी के बारे में बताएंगे जिसमें उन्होंने कहा कि कि ईरान दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा. उनका ये बयान उस संदर्भ में आया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान ट्रंप की हत्या कर सकता है. इस पर ट्रंप ने कहा अगर उन्हें कुछ भी हुआ तो अमेरिका की सेनाएं ईरान को धरती के नक्शे से मिटा देंगी. आज इस बात का विश्लेषण करेंगे कि क्या वाकई ईरान ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है?

मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर विवाद गहराया है. अविमुक्तेश्वरानंद सरकार पर कड़े तेवर दिखा रहे हैं. उन पर शंकराचार्य के अपमान का आरोप लगा है. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर बैठकर अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान करने से प्रशासन ने रोक लगा दी. समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई.









