
BJP-सपा के लिए साख का सवाल बने मिल्कीपुर उपचुनाव में क्यों छिड़ी 'बाहर बनाम घर' की बहस?
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अयोध्या की मिल्कीपुर विधानसभा सीट के लिए हो रहे उपचुनाव में सपा-बीजेपी की चुनावी फाइट 'बाहर बनाम घर' का रंग लेती नजर आ रही है. मिल्कीपुर में 'बाहर बनाम घर' की बहस कैसे शुरू हो गई?
यूपी के अयोध्या जिले की मिल्कीपुर विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव हो रहे हैं. मिल्कीपुर विधानसभा सीट के लिए 5 फरवरी को वोट डाले जाने हैं. सांसद निर्वाचित होने के बाद अवधेश प्रसाद के इस्तीफे से रिक्त हुई इस सीट पर विपक्षी समाजवादी पार्टी (सपा) ने उनके ही बेटे अजीत प्रसाद को उम्मीदवार बनाया है. वहीं, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से चंद्रभान पासवान उम्मीदवार हैं. सपा और बीजेपी, दोनों ही दलों के लिए साख का सवाल बन गई मिल्कीपुर विधानसभा सीट की चुनावी फाइट में एक नई बहस छिड़ गई है लोकल बनाम बाहरी उम्मीदवार की.
लोकल बनाम बाहरी की बहस क्यों
मिल्कीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में लोकल बनाम बाहरी की बहस सपा उम्मीदवार अजीत प्रसाद के एक बयान से छिड़ी है. दरअसल, अजीत प्रसाद ने नामांकन से पहले पत्रकारों से बात करते हुए उपचुनाव की लड़ाई को लोकल बनाम बाहरी की फाइट बताया. अजीत प्रसाद ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास तो कोई उम्मीदवार ही नहीं था इसलिए बाहर से लाकर किसी को प्रत्याशी बनाया है. उन्होंने सपा की जीत का दावा करते हुए कहा कि अब बाहर और घर की लड़ाई है. हमारी तैयारी पूरी है.
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बीजेपी उम्मीदवार को क्यों बताया बाहरी
अजीत प्रसाद के इस बयान के बाद लोकल और बाहरी की बहस छिड़ गई है. बात इसे लेकर भी हो रही है कि बीजेपी उम्मीदवार चंद्रभान पासवान भी अयोध्या जिले के ही निवासी हैं. फिर सपा उम्मीदवार ने उन्हें बाहरी किस आधार पर कहा? दरअसल, चंद्रभान प्रसाद का घर रुदौली विधानसभा क्षेत्र में पड़ता है. चंद्रभान पासवान रुदौली से जिला पंचायत सदस्य भी रह चुके हैं. इसी को आधार बनाकर सपा के नेता और कार्यकर्ता अब साख का सवाल बन चुकी उपचुनाव की इस फाइट को बाहर बनाम घर की शक्ल देने की कोशिश में हैं.

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