
Aryan Drugs Case: फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट, 25 करोड़ की घूस में 'हिस्सा'....इन आरोपों पर घिरे हैं समीर वानखेड़े
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समीर वानखेड़े पर नवाब मलिक ने नया आरोप लगाया है. इसमें कहा गया है कि IRS ऑफिसर बनने के लिए समीर वानखेड़े ने फर्जी कागजात दिए, इसमें कथित तौर पर धर्म का फर्जी सर्टिफिकेट भी बनवाया गया.
आर्यन खान से जुड़े ड्रग केस के चर्चा में आने के बाद से नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) चर्चा में हैं. शुरुआत महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक के आरोपों से हुई. उन्होंने कहा कि ये जो पूरा ड्रग्स केस है वह फर्जी है. इसके बाद NCB को बड़ा झटका तब लगा जब उनका ही स्वतंत्र गवाह पलट गया. गवाह ने आरोप लगाया कि आर्यन खान को छोड़ने के लिए शाहरुख खान से 25 करोड़ रुपये मांगे गए थे और इसमें से एक 'हिस्सा' समीर वानखेड़े को भी जाना था. समीर वानखेड़े एक फर्जी व्यक्ति है. इनका जन्म प्रमाण पत्र समीर दाऊद वानखेड़े का है. इन्होंने जन्म प्रमाण पत्र में छेड़छाड़ की और उनके पिताजी ने धर्मांतरण करने के बाद जो नाम बदला था उसे दुरुस्त किया. इसी आधार पर जाति प्रमाण पत्र निकाला गया.

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










