
Aishwarya Rai Bachchan से ED क्यों कर रही पूछताछ? जानें क्या है Panama Paper लीक का पूरा मामला
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पनामा पेपर लीक मामले में आज ऐश्वर्या राय बच्चन को एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने पूछताछ के लिए दिल्ली ईडी दफ्तर बुलाया. बताया जा रहा है कि तीसरे नोटिस पर ऐश्वर्या ईडी दफ्तर में पेश हुई हैं. ऐश्वर्या राय से फेमा जो कि फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट है, इस मामले में पूछताछ होनी है. पनामा पेपर्स लीक साल 2016 में सामने आया था, जिसमें राजनेता, बिजनेसमैन समेत कई फिल्मी सितारों के नाम थे. खबरों के मुताबिक, ऐश्वर्या राय, उनके पिता कृष्णाराज राय, मां वृंदा राज राय और भाई आदित्य राय साल मई 2005 में ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में एमिक पार्टनर्स लिमिटेड नाम की कंपनी के डायरेक्टर बने. फिर राय को कंपनी के बोर्ड ने जून 2005 में सिर्फ शेयरहोल्डर दिखाया. फिर बाद में ये कंपनी बंद कर दी गई. कागजातों में कंपनी के बंद होने की तारीखों पर भी सवाल था. खुलासे के वक्त ऐश्वर्या की मीडिया सलाहकार अर्चना सदानंद ने सामने आई सारी जानकारी को गलत और झूठा करार दिया था. जानें क्या है पनामा पेपर लीक का पूरा मामला.

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










