
AAP नेता भगवत मान और राघव चड्डा का PM मोदी को पत्र, 'प्रदर्शन कर रहे किसानों से फिर हो बातचीत'
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अपने पत्र में ‘आप’ नेताओं ने प्रधानमंत्री को लिखा कि अब जब किसान नेताओं की ओर से एक बार फिर बातचीत का न्योता दिया गया है तो प्रधानमंत्री को भी विनम्रता और खुले दिल के साथ इस बुलावे को कुबूल करना चाहिए.
देश में पिछले कई महीनों से किसानों का आंदोलन जारी है. हालांकि कोरोना के बढ़ते प्रकोप की वजह से उनका आंदोलन थोड़ा कमजोर जरूर पड़ा है, लेकिन किसान अभी भी अपनी मांगों के साथ डटे हुए हैं. वे अभी भी केंद्र से अपील कर रहे हैं कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए. अब इस बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के पंजाब प्रमुख भगवंत मान और दिल्ली से विधायक तथा पंजाब मामलों के पार्टी सह प्रभारी राघव चड्ढा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजकर कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के साथ फिर से बातचीत शुरू करने का आनुरोध किया है. पंजाब से सांसद भगवंत मान और दिल्ली से विधायक राघव चड्ढा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे अपने पत्र में कहा कि पिछले करीब 6 महीनों से पंजाब समेत अलग-अलग प्रदेशों के किसान दिल्ली की सरहदों पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. इस संघर्ष के दौरान किसान अब तक अपने 470 साथियो को खो चुके हैं जो कि अति दुर्भाग्यपूर्ण और दर्दनाक है.
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उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

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