
77 घंटे पूछताछ, 24 घंटे में तीन झटके, संदीप घोष पर आकर टिक गई है कोलकाता कांड की जांच
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सीबीआई ने बुधवार को भी संदीप घोष से 13 घंटे तक पूछताछ की. अब तक कुल 77 घंटे की पूछताछ हो चुकी है. लेकिन कई सवालों के जवाब मिलना बाकी हैं. सूत्रों के मुताबिक, घोष से पूछा गया कि क्या उन्होंने मृतका का पोस्टमार्टम आरजी कर मेडिकल कॉलेज में कराने पर जोर दिया था? क्या कहीं और इसकी अनुमति नहीं दी थी. सूत्र ने कहा, घोष के जवाब की दोबारा जांच की जाएगी.
कोलकाता कांड में आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं और हर रोज उनके खिलाफ नए फ्रंट खुलते जा रहे हैं. बुधवार को संदीप घोष को पहला बड़ा झटका तब लगा, जब हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी. डॉ. घोष ने अपने बारे में मीडिया में खबरें प्रसारित प्रकाशित-प्रसारित किए जाने पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी. उसके बाद दूसरा बड़ा झटका बंगाल सरकार से लगा है. सरकार ने डॉ. घोष का ट्रांसफर ऑर्डर रद्द कर दिया है. इधर, कोलकाता पुलिस ने भी संदीप घोष पर शिकंजा कसना तेज कर दिया है. पुलिस ने डॉ. घोष को अब मृतक महिला डॉक्टर की पहचान उजागर करने के मामले में तलब किया है. हालांकि, सीबीआई की पूछताछ के कारण पेश नहीं हो सके और दूसरी तारीख मांगी है.
दरअसल, कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 9 अगस्त की रात 31 साल की ट्रेनी महिला डॉक्टर का शव बरामद किया गया था. डॉक्टर के शरीर पर चोट के निशान थे और खून बह रहा था. जांच में पता चला कि डॉक्टर से रेप के बाद हत्या की गई. पुलिस ने आरोपी संजय रॉय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. घटना से डॉक्टर्स में नाराजगी फैल गई और हड़ताल शुरू कर दी. कोलकाता हाईकोर्ट ने मामले की जांच पुलिस से सीबीआई को ट्रांसफर कर दी. 8 दिन से मामले में सीबीआई जांच कर रही है. डॉ. घोष को 2021 में अस्पताल के प्रिंसिपल के रूप में नियुक्त किया गया था.
संदीप घोष से 6 दिन में 77 घंटे पूछताछ
सीबीआई ने बुधवार को भी संदीप घोष से 13 घंटे तक पूछताछ की. अब तक कुल 77 घंटे की पूछताछ हो चुकी है. लेकिन कई सवालों के जवाब मिलना बाकी हैं. सूत्रों के मुताबिक, घोष से पूछा गया कि क्या उन्होंने मृतका का पोस्टमार्टम आरजी कर मेडिकल कॉलेज में कराने पर जोर दिया था? क्या कहीं और इसकी अनुमति नहीं दी थी. सूत्र ने कहा, घोष के जवाब की दोबारा जांच की जाएगी. डॉ. घोष इस मामले में छह दिन से सीबीआई के सवालों का सामना कर रहे हैं. बुधवार को सीबीआई की टीम फिर आरजी कर मेडिकल कॉलेज पहुंची और पूर्व प्रिंसिपल की कार की तलाश ली. कार के चालक से भी पूछताछ की गई. फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने वाहन की गतिविधियों का विवरण जानने के लिए उसकी जांच की. सीबीआई ने अस्पताल की अधीक्षक बुलबुल मुखर्जी और नए उप प्राचार्य से भी पूछताछ की. वहीं, रेजिडेंट डॉक्टर्स भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं और डॉ. घोष के खिलाफ मोर्चा खोले हैं. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी संदीप घोष की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे और अस्पताल प्रशासन से लेकर सरकार तक को फटकार लगाई थी.
संदीप पर लावारिस लाशों का सौदा करने का आरोप
इधर, संदीप घोष पर अब लावारिस लाशों का सौदा, बायोमेडिकल कचरे की बिक्री, नियुक्तियों में अनियमितता और कमीशन-रिश्वतखोरी के आरोप लगे हैं. ये आरोप आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व उपाधीक्षक अख्तर अली ने लगाए हैं. उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है और पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के खिलाफ ईडी की मांग कराए जाने की मांग की है. अली का कहना है कि घोष के कार्यकाल के दौरान संस्था के कामकाज में कई वित्तीय अनियमितताएं हुई थीं. आरोप है कि पूर्व प्रिंसिपल घोष कई अनैतिक गतिविधियों और भ्रष्टाचार में भी शामिल थे. छात्रों को जानबूझकर फेल किया जाता था, फिर पास कराने के नाम पर पैसे लिए जाते थे. उन्होंने कहा कि मैंने इसे लेकर विजिलेंस कमेटी के सामने शिकायत भी की. जांच का हिस्सा भी बना. लेकिन फाइनल रिपोर्ट देने के दो घंटे बाद ही मेरा ट्रांसफर कर दिया गया. शिकायत के बाद भी संदीप घोष पर कोई एक्शन नहीं लिया गया.

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