
7 साल के भतीजे को पतंग दिलाने के बहाने यौन शोषण, 18 साल के शख्स को 20 साल की सजा
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शिकायत में कहा गया है कि दोषी अपने भतीजे को पतंग खरीदने के बहाने एक तालाब के पास एक सुनसान जगह पर ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया. घर लौटने पर, सात वर्षीय ने अपने परिवार के सदस्यों को पूरी घटना सुनाई, जिसके बाद शिकायत दर्ज की गई.
राजस्थान के कोटा में एक 18 साल के युवक को 7 साल के मासूम के यौन शोषण के मामले में दोषी पाया गया. हालांकि 21 साल की उम्र तक उसे सुधार घर में रखा जाएगा. अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है और कहा है कि ऐसा न करने पर उसकी सजा 6 महीने और बढ़ जाएगी. पब्लिक प्रॉसिक्यूटर धीरेंद्र चौधरी ने कहा कि सितंबर 2021 में अपराध के समय दोषी की उम्र 16 साल 9 माह थी. लेकिन किशोर न्याय बोर्ड ने सिफारिश की कि उस पर एक एडल्ट के रूप में मुकदमा चलाया जाए.
हालांकि, अदालत ने निर्देश दिया कि उसे 21 साल की उम्र तक "सुरक्षा के स्थान" पर रखा जाए. चौधरी ने यह भी कहा कि उसे अपने शैक्षिक, बौद्धिक और व्यवहारिक विकास के लिए काउंसिलिंग सेशन प्रदान किया जाना चाहिए. यह घटना कोटा जिले के रामगंजमंडी थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई और पीड़ित के चाचा ने 14 सितंबर, 2021 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
शिकायत में कहा गया है कि दोषी अपने भतीजे को पतंग खरीदने के बहाने एक तालाब के पास एक सुनसान जगह पर ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया. घर लौटने पर, सात वर्षीय ने अपने परिवार के सदस्यों को पूरी घटना सुनाई, जिसके बाद शिकायत दर्ज की गई. सरकारी वकील ने कहा कि पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 377 (अप्राकृतिक यौन संबंध) और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है.
17 दिसंबर, 2021 को प्रधान मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष आरोप पत्र दायर किया गया था. सरकारी वकील चौधरी ने कहा कि किशोर न्याय बोर्ड ने सिफारिश की है कि दोषी पर एक एडल्ट के रूप में मुकदमा चलाया जाए और मामले को POCSO अदालत में स्थानांतरित कर दिया जाए. मामले में दोषी को जज ने सीधे जेल नहीं भेजा, लेकिन कहा कि 21 साल का होने पर उन्हें नियमित जेल भेज दिया जाएगा.

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