
3 महीने में 27 लाशें... लोनावला के उस पिकनिक स्पॉट की कहानी, जहां झरने के पानी में बह गया था पूरा परिवार
AajTak
पुणे प्रशासन ने खतरनाक पर्यटन स्थलों के लिए सुरक्षा उपायों की एक लिस्ट तैयार की है, जिसमें खतरनाक इलाकों की पहचान और सीमांकन, जीवन रक्षकों और बचाव दलों की उपस्थिति और चेतावनी बोर्ड लगाना शामिल है.
महाराष्ट्र (Maharashtra) के पुणे में जिला प्रशासन ने मानसून सीजन के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा के लिए कुछ फैसला लिया है. मंगलवार को मावल तहसील में भुशी बांध और पवना बांध क्षेत्र सहित कई लोकप्रिय पिकनिक जगहों पर 2 से 31 जुलाई तक लोगों के जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है.
प्रशासन ने खतरनाक पर्यटन स्थलों के लिए सुरक्षा उपायों की एक लिस्ट पहले ही तैयार कर ली है, जिसमें खतरनाक इलाकों की पहचान और सीमांकन, जीवन रक्षकों और बचाव दलों की उपस्थिति और चेतावनी बोर्ड लगाना शामिल है.
हादसे बाद प्रशासन शख्त
पुणे जिला प्रशासन के द्वारा यह फैसला रविवार को हुई उस घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें एक महिला और चार बच्चे पुणे जिले के सुरम्य लोनावाला हिल स्टेशन के मशहूर पिकनिक स्थल भुशी बांध के पास एक झरने में बह गए थे.
जिला कलेक्टर सुहास दिवासे की तरफ से मंगलवार को जारी की गई अधिसूचना के मुताबिक, नव क्रियान्वित भारतीय नगरी सुरक्षा संहिता और आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 163 को मावल, मुलशी, अम्बेगांव, खेड़, जुन्नार, भोर, वेल्हा, इंदापुर और हवेली तहसीलों में विशिष्ट स्थानों पर लागू किया जाएगा.
यह भी पढ़ें: लोनावला में पांच लोगों के झरने में बहने के बाद एक्शन में प्रशासन, डेंजर जगहों पर पर्यटकों के जाने पर पाबंदी

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










