
27 को मॉक ड्रिल में परखी जाएंगी ऑक्सीजन प्लांट और अस्पतालों की तैयारियां, स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कितना खतरनाक है BF.7?
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कोरोना संक्रमण के बढ़ते केसों को देखते हुए 27 दिसंबर को मॉकड्रिल की जाएगी. इस दौरान कोविड की तैयारियों को परखा जाएगा. कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया के साथ मीटिंग हुई है. साथ ही हमने लोगों से अधिक सतर्क रहने और जल्द से जल्द बूस्टर डोज लगवाने की अपील की है.
चीन में कोरोना भयावह रूप धारण कर चुका है. अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगी हुई है. इसी बीच भारत में कोविड से बचाव के लिए जरूरी कदम उठाए जाने लगे हैं. कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. के सुधाकर ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश के अनुसार सभी सरकारी अस्पतालों में मॉक ड्रिल की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऑक्सीजन प्लांट और ऑक्सीजन जनरेटर सहित सभी बुनियादी ढांचे जो कि COVID-19 की पिछली लहरों के दौरान स्थापित किए थे, वह एक्टिव मोड में हैं.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की थी. इसके बाद मंत्री सुधाकर ने कहा कि दुनिया में हर दिन 5 से 6 लाख नए COVID-19 के केस मिल रहे हैं. उन्होंने कहा कि 80 फीसदी नए मामले चीन, जापान, ताइवान, अमेरिका, यूरोप और न्यूजीलैंड समेत 10 देशों में सामने आ रहे हैं.
बैठक में सभी राज्यों को बताया गया कि पिछले तीन महीनों से दुनिया के विभिन्न देशों में कैसे COVID-19 बढ़ रहा है. भारत में फिलहाल एक्टिव केस की संख्या 0.03% है. इसका एक बड़ा कारण यह है कि देश की पूरी आबादी को वैक्सीन की दो-दो खुराकें मिल चुकी हैं. साथ ही भारतीयों का इम्युनिटी सिस्टम भी बेहतर है. इसी वजह हम COVID-19 के प्रसार से लड़ने की बेहतर स्थिति में हैं.
मंत्री के. सुधाकर ने कहा कि कोरोना वायरस का नया वैरिएंट स्ट्रेन BF.7 'R' वैल्यू के हिसाब से एक व्यक्ति से 17-18 लोगों में फैलने में सक्षम है. इसलिए यह अत्यधिक संक्रामक है. इसके साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी राज्यों से कहा है कि टेस्टिंग बढ़ाएं और स्क्रीनिंग पर जोर दें.
एक अमेरिकी संगठन की एक रिपोर्ट के मुताबिक अगले साल सिर्फ चीन में कोविड-19 से करीब 10 लाख लोगों की मौत हो सकती है. इसे लेकर मंत्री सुधाकर ने कहा कि चीन की वैक्सीनेशन प्रोसेस, लोगों की सतर्कता का स्तर,बुजुर्गों की आबादी और उनकी स्वास्थ्य समस्याएं इसकी वजह हो सकती है.
2 साल पहले शुरू हुआ COVID-19 अभी भी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है. इसलिए, लोगों से अधिक सतर्क रहने और जल्द से जल्द बूस्टर डोज लगवाने की अपील की है. वहीं, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के नेतृत्व में एक मीटिंग हुई. इसमें नए वैरिएंट को ट्रैक करने के लिए पॉजिटिव केसों को अनिवार्य रूप से जीनोमिक सीक्वेंसिंग के लिए भेजने के निर्देश दिए गए. साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता के आधार पर बूस्टर डोज दी जाएगी.

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