
20 या 21 अक्टूबर... दिवाली पर इस साल भी कंफ्यूजन, जानें- क्या है इसका समाधान
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दीपावली के दिन और दफ्तर की छुट्टियों को लेकर हर साल भ्रम की स्थिति बनती है क्योंकि चंद्र कैलेंडर की तिथि और ग्रेगेरियन कैलेंडर की तारीख में अंतर होता है. दीपावली अमावस्या तिथि पर मनाई जाती है, जो इस साल 20 अक्टूबर को प्रदोष काल में पड़ रही है.
बीते कुछ वर्षों में ये देखा जा रहा है कि दीपावली का पर्व अपने साथ बहुत सारा कन्फ्यूजन लेकर आता है. समस्या यह होती है कि उत्सव किस दिन मनाया जाए और दूसरी समस्या दफ्तरों में होने वाली छुट्टियों को लेकर होती है. जिस दिन उत्सव होता है, उस दिन दफ्तर की छुट्टी नहीं होती है और जिस दिन दफ्तर छुट्टी मनाते हैं, तब तक उत्सव बीत चुका होता है, लिहाजा हर साल त्योहार के साथ इस तरह की उहापोह की स्थिति बन जाने का सिलसिला सा चल पड़ा है.
यह समस्या क्यों होती है, इसे समझने की जरूरत है.
पहली बात ये है कि भारतीय परंपरा के अधिकतम व्रत-उत्सव और त्योहार चंद्र कैलेंडर पर आधारित होते हैं, जिसकी एक इकाई तिथि होती है. आमतौर पर यह तिथि पूरे एक दिन का समय होता है, लेकिन पूरा एक दिन मान लेने से इसे पूरा 24 घंटा नहीं माना जाता है.
अपनी रोज की सहूलियत के लिए हम ग्रेगेरियन कैलेंडर का इस्तेमाल करते हैं जो घंटा, दिन, महीने और साल में बंटा होता है. इसके एक दिन को तारीख कहा जाता है.
हमसे गलती यहां होती है कि हम चंद्र कैलेंडर की तिथि और ग्रेगेरियन कैलेंडर की तारीख के बराबर रखकर देखने लगते हैं. तिथि और तारीख बिल्कुल अलग-अलग इकाई हैं. इनको एक जैसा ट्रीटमेंट देने से ही कन्फ्यूजन शुरू होता है.

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