
2 आतंकी संगठनों से है अमेरिका में पकड़े गए हैप्पी पासिया का लिंक, FBI ने जारी किया बयान
AajTak
राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NIA) ने गैंगस्टर हैप्पी पासिया पर पांच लाख का इनाम घोषित कर रखा था. वह पंजाब पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों के लिए सिरदर्द बना हुआ था. पासिया की कस्टडी में आने के बाद पहली तस्वीर भी वायरल हो रही है.
भारत के मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर्स में से एक हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया को अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया है. वह फिलहाल एफबीआई की कस्टडी में है. पंजाब में सिलसिलेवार ग्रेनेड अटैक के लिए जिम्मेदार पासिया की गिरफ्तारी भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी बड़ी सफलता है. वह दो अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों से जुड़ा हुआ है.
राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NIA) ने पासिया पर पांच लाख का इनाम घोषित कर रखा था. वह पंजाब पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों के लिए सिरदर्द बना हुआ था. पासिया की कस्टडी में आने के बाद पहली तस्वीर भी वायरल हो रही है.
टॉप इंटेलिजेंस सूत्रों के मुताबिक, पासिया को 11 अप्रैल को अमेरिका में पकड़ा गया था. भारतीय खुफिया एजेंसी उसे भारत लाने की कोशिश करेगी. पासिया पाकिस्तान के ISI, बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) जैसे आतंकी संगठन और हरविंदर सिंह रिंदा के नेटवर्क से जुड़ा हुआ है. खुफिया एजेंसियों का कहना है कि उसने पंजाब में कई हमलों की साजिश रची जिनमें इस साल जनवरी में अमृतसर में गुमताला पुलिस चौकी पर हुआ हमला भी शामिल है.
इस मामले पर एफबीआई ने आधिकारिक बयान जारी कर गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा है कि भारत के पंजाब में आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार कथित आतंकी हरप्रीत सिंह को सैक्रामेंटों में एफबीआई और ईआरओ ने गिरफ्तार कर लिया है. उसका दो अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों से लिंक है. वह गैरकानूनी रूप से अमेरिका आया था और गिरफ्तारी से बचने के लिए कीपैड फोन का इस्तेमाल करता था.
गैंगस्टर हैप्पी पासिया का नाम हाल ही में जालंधर में बीजेपी नेता मनोरंजन कालिया को निशाना बनाकर किए गए ग्रेनेड हमले में सामने आया था. पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपी सहित सभी हमलावरों को गिरफ्तार करके बड़ा खुलासा किया था. इस मामले की जांच में सीमा पार पाकिस्तान से जुड़ी एक बड़ी साजिश का पता चला है. इस मास्टरमाइंड जीशान अख्तर है.
जीशान कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का करीबी है. ये हाईप्रोफाइल बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में भी वॉन्टेड है. पुलिस का मानना है कि यह हमला राज्य में धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने की साजिश का हिस्सा था, जिसे आईएसआई का समर्थन हासिल था. इसमें पाकिस्तान स्थित खालिस्तानी आतंकवादी हरविंदर सिंह रिंदा और गैंगस्टर हैप्पी पासिया के बीच संबंध सामने आए हैं.

अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में हाल में एक संघीय अधिकारी की गोली से नर्स एलेक्स जेफ्री प्रेटी की मौत हो गई थी. जिसके बाद से अमेरिका में पुलिस और फेडरल एजेंसियों की कार्रवाई, विरोध-प्रदर्शनों में जाने वालों और आम नागरिकों की जान की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. इस बीच वॉशिंगटन में प्रेटी की याद में लोगों ने कैंडल मार्च निकाला. देखें अमेरिका से जुड़ी 10 बड़ी खबरें.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.








