
हिमाचल उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने घोषित किए 2 और उम्मीदवार, 6 सीटों पर 1 जून को होनी है वोटिंग
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कांग्रेस ने अनुराधा राणा को लाहौल और स्पीति सीट से और सुभाष चंद को बड़सर निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतारा है. राणा और चंद का मुकाबला क्रमश: भाजपा के रवि ठाकुर और इंद्रदत्त लखनपाल से होगा.
कांग्रेस ने रविवार रात हिमाचल प्रदेश में लाहौल और स्पीति और बड़सर विधानसभा क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की, जहां 1 जून को उपचुनाव होने हैं. पार्टी ने जिला परिषद अध्यक्ष अनुराधा राणा को लाहौल और स्पीति सीट से और सुभाष चंद को बड़सर निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतारा है. कांग्रेस द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मंजूरी के बाद राणा और चंद की उम्मीदवारी का ऐलान किया गया.
अनुराधा राणा और सुभाष चंद का मुकाबला क्रमश: भाजपा के रवि ठाकुर और इंद्रदत्त लखनपाल से होगा. ये दोनों नेता क्रमश: लाहौल और स्पीति और बड़सर से विधायक थे. लेकिन हिमाचल में हुए राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने इन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए निष्कासित कर दिया था, जिसके बाद दोनों ने भाजपा जॉइन कर ली. बता दें कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के कुल 6 विधायकों ने बीजेपी उम्मीदवार हर्ष महाजन के पक्ष में वोटिंग की थी.
कांग्रेस विधायकों की बगावत के बाद खाली हुईं छह सीटें
कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग के चलते बीजेपी के हर्ष महाजन राज्यसभा पहुंच गए और कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी को हार का मुंह देखना पड़ा था. इस केस के बाद कांग्रेस ने सभी 6 विधायकों कांग्रेस के छह बागी विधायकों- रवि ठाकुर (लाहौल और स्पीति), इंद्रदत्त लखनपाल (बड़सर), राजिंदर राणा (सुजानपुर), सुधीर शर्मा (धर्मशाला), चेतन्य शर्मा (गगरेट) और देविंदर कुमार भुट्टो (कुटलेहड़) को पार्टी से निलंबित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष से इनकी विधायकी रद्द करने का अनुरोध किया था. स्पीकर ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने का दोषी मानते हुए सभी 6 विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी.
कांग्रेस के बागियों ने स्पीकर के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन उन्हें वहां से निराशा हाथ लगी. इसके बाद खाली हुईं सीटों पर उपचुनाव होना है. बीजेपी ने कांग्रेस के बागियों को उन सीटों से फिर अपना उम्मीदवार बनाया है, जहां से वे विधायक चुने गए थे. रविवार की घोषणा के साथ, कांग्रेस ने फरवरी में हिमाचल प्रदेश विधानसभा से पार्टी के बागियों को अयोग्य ठहराए जाने के बाद खाली हुई छह विधानसभा सीटों में से पांच पर उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं.
कांग्रेस ने अभी धर्मशाला से नहीं उतारा है अपना प्रत्याशी

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