
हिन्दुत्व की डगर, अब CM देवेंद्र पर नजर... क्या बीजेपी के भीतर नई लकीर खींच पाएंगे फडणवीस?
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हिंदुत्व की पिच पर महाराष्ट्र में आरएसएस के पुराने और पसंदीदा नेता देवेंद्र फडणवीस ने तेज बैटिंग की. पहले 'वोट जिहाद' याद दिलाया फिर 'बंटोगे तो कंटोगे' के नारे को बेहद जरूरी बताया. 'बंटोगे तो कंटोगे' का अजित पवार ने विरोध किया तो वहीं फडणवीस ने कहा कि इस नारे का मतलब बाद में समझ आएगा. मुस्लिम बहुल इलाके में ओवैसी के खिलाफ धारदार भाषण देकर बहुसंख्यक वोट एकजुट किए.
देश के 14 राज्यों में आज बीजेपी के मुख्यमंत्री हैं. 20 राज्य ऐसे हैं जहां बीजेपी गठबंधन के सीएम हैं. यानी या तो बीजेपी के मुख्यमंत्री हैं या बीजेपी के साथी दलों के सीएम. लेकिन आज बात महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की.
44 साल पहले जिस अरब सागर के किनारे मुंबई में बीजेपी के पहले अधिवेशन में अंधेरा छंटने और कमल खिलने की बात अटल बिहारी वाजपेयी ने कही, उसी मुंबई के आजाद मैदान में नरेंद्र मोदी के सामने मौजूदा दौर में देश के भीतर बीजेपी के 14वें मुख्यमंत्री के तौर पर देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र सरकार के मुखिया के पद की शपथ ग्रहण की.
2014 में पहली बार बने थे महाराष्ट्र के सीएम
2013 में जब देश में लोकसभा चुनाव से पहले गुजरात से दिल्ली की राजनीति के लिए नरेंद्र मोदी के नाम की चर्चा तेज हुई, तब 11 साल पहले महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष के तौर पर देवेंद्र फडणवीस ने कमान संभाली. 2014 में नरेंद्र मोदी के दिल्ली पहुंचने के बाद उसी साल फडणवीस महाराष्ट्र में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री बनते हैं.
तब नारे लगे, दिल्ली में नरेंद्र, महाराष्ट्र में देवेंद्र. 2024 में फिर दिल्ली में नरेंद्र हैं और महाराष्ट्र में देवेंद्र, जिसकी एक वजह हिंदुत्व की पिच पर बीजेपी की आक्रामक बल्लेबाजी है. जहां नरेंद्र मोदी ने नारा दिया, 'एक हैं तो सेफ हैं.'
हिंदुत्व की पिच पर फडणवीस ने की तेज बैटिंग

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दिल्ली पुलिस की महिला कमांडो काजल की हत्या के मामले अब नई परतें खुल रही हैं. उसके परिजनों ने पति अंकुर पर हत्या के साथ-साथ पेपर लीक रैकेट का मास्टरमाइंड होने के गंभीर आरोप लगाए हैं. दावा है कि काजल के पास उसके काले कारनामों के राज़ थे. हत्या से पहले वीडियो कॉल और डंबल से हत्या के आरोपों ने मामले को और सनसनीखेज बना दिया है.






