
हाथरस में 123 मौत, SIT जांच और चश्मदीदों का खुलासा... भोले बाबा के इस ऐलान से मची थी जानलेवा भगदड़!
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आखिर 2 जुलाई को हाथरस में भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ की शुरुआत हुई कैसे? कौन सी ऐसी चीज थी, जिसकी वजह से घंटों शांति से बैठे भक्त अचानक बैचेन हो गए. सत्संग खत्म होते ही ऐसा क्या हुआ कि पूरी भीड़ एक ही दिशा में भागने लगी, तो इन सुलगते सवालों के शुरुआती जवाब सामने आ गए हैं.
इस सवाल का जवाब हर कोई जानना चाहता है कि आखिर 2 जुलाई को हाथरस में हवलदार से भोले बाबा बने सूरज पाल सिंह जाटव उर्फ नारायण साकार हरि के सत्संग में भगदड़ की शुरुआत हुई कैसे? कौन सी ऐसी चीज थी, जिसकी वजह से घंटों शांति से बैठे भक्त अचानक बैचेन हो गए. सत्संग खत्म होते ही ऐसा क्या हुआ कि पूरी भीड़ एक ही दिशा में भागने लगी, तो इन सुलगते सवालों के शुरुआती जवाब सामने आ गए हैं.
भगदड़ और इसमें हुई 123 मौतों की जांच के लिए यूपी सरकार ने तीन सदस्यीय जिस जांच कमेटी का गठन किया है, उसकी शुरुआती जांच में ही कुछ सनसनीखेज खुलासा हुआ है. इस खुलासे के मुताबिक, इस भगदड़ की वजह कोई और नहीं, बल्कि खुद भोले बाबा और उसका एक ऐलान था. 2 जुलाई के दोपहर 1.30 बजे तक सब कुछ शांत था. 2 लाख से ज्यादा की भीड़ अपनी-अपनी जगह पर बैठी पूरी शांति और भक्ति भाव के साथ भोले बाबा का प्रवचन सुन रही थी. अमूमन बाबा सत्संग के दौरान डेढ़ दो घंटे तक प्रवचन देते हैं.
लेकिन दो जुलाई की दोपहर उमस भरी बहुत तेज गर्मी थी. ऊपर से सत्संग स्थल पर जितने लोगों की क्षमता थी उससे तीन गुना ज्यादा भक्त इकट्ठा हो चुके थे. इन्ही दो वजहों से भोले बाबा ने अपना प्रवचन छोटा कर दिया. दोपहर 12.30 बजे उन्होंने अपना प्रवचन शुरु किया था और ठीक 1.30 बजे यानि एक घंटे में ही प्रवचन समाप्त भी कर दिया. अब भी सब कुछ ठीक और शांत था. भक्त अपनी अपनी जगह पर ही बैठे थे. लेकिन प्रवचन समाप्त करने से ऐन पहले भोले बाबा भक्तों को ऐलानिया आदेश देते हैं कि अब वो उनके चरणों की धूल ले सकते हैं.
भोले बाबा का बस इतना कहना था कि दो 2.5 लाख का हुजूम अचानक खड़ा हो गया. अब हर चरण बाबा के चरणों की धूल की तरफ लपकने लगा और बस यहीं से शुरुआत होती है हाल के वक्त की सबसे ख़ूनी भगदड़ की. इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज बृजेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जांच कर रही तीन सदस्यीय कमेटी ने अपनी जांच की शुरुआत उन चश्मदीदों के बयान से की है, जो भगदड़ के वक्त सत्संग में मौजूद थे. इस कमेटी में बृजेश कुमार श्रीवास्तव के अलावा रिटायर्ड आईएएस अफसर हेमंत राव और भावेश कुमार भी शामिल हैं.
इस न्यायिक कमेटी को दो महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है. ये कमेटी अब तक 34 चश्मदीदों के बयान दर्ज कर चुकी हैं. इसी कमेटी के सामने हाथरस के एक चश्मदीद ने अपना बयान दर्ज कराते हुए कहा कि सत्संग खत्म होते ही चरणों की धूल लेने के भोले बाबा के आदेश ने ही सुबह से शांत बैठे भक्तों में भगदड़ मचा दी. इस चश्मदीद के मुताबिक, बाबा की रवानगी से पहले ही भक्तों में भगदड़ मच चुकी थी और बाबा ये सब कुछ देख रहे थे, क्योंकि चरणों की धूल लेने के लिए भक्त भोले बाबा के ही करीब जाने की कोशिश कर रहे थे.

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