
हाउसिंग प्लॉट बेचने के बहाने दो लोगों से 35 लाख की ठगी, एक NRI को भी बनाया शिकार
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ओडिशा में बरहामपुर के विभिन्न स्थानों पर हाउसिंग प्लॉट बेचने के बहाने एक एनआरआई सहित दो व्यक्तियों से लगभग 35 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है.
ओडिशा पुलिस ने बरहामपुर शहर के विभिन्न स्थानों पर हाउसिंग प्लॉट बेचने के बहाने एक एनआरआई सहित दो व्यक्तियों से लगभग 35 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान नयागढ़ निवासी 58 साल के पट्टम श्यामबाबू पात्रो के रूप में हुई है. वह बरहामपुर नगर निगम (बीईएमसी) का पूर्व कार्यकारी अभियंता है. उसे रविवार को भुवनेश्वर में गिरफ्तार किया गया.
पुलिस के अनुसार, पात्रो ने कथित तौर पर गांधी नगर, बरहामपुर में रहने वाली एक महिला से 10 लाख रुपये और ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले एक एनआरआई से फर्जी भूमि बिक्री समझौतों के जरिए 25 लाख रुपये ठगे है. एक पुलिस अधिकारी ने बताया, 'पात्रो ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने से पहले 31 मई, 2017 से 31 दिसंबर, 2019 तक बीईएमसी में कार्यकारी अभियंता के रूप में काम किया. गिरफ्तारी के समय वह भुवनेश्वर में रह रहा था.' पीड़ितों की शिकायत के बाद बरहामपुर टाउन और गोसानिनुआगांव पुलिस थानों में उसके खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं. बरहामपुर एसपी सरवण विवेक एम ने बताया कि पुलिस ने आरोपी के पास से जमीन बिक्री समझौते, 10 लाख रुपये का बैंक चेक और अन्य संबंधित सामग्री समेत कई दस्तावेज जब्त किए हैं. उन्होंने बताया कि आरोपी ने 30 मार्च 2016 को बरहामपुर के बाहरी इलाके लोचापाड़ा के पास करीब 0.590 डेसीमल जमीन 71 लाख रुपये में बेचने के लिए एक महिला के साथ समझौता किया था.
खरीदार ने अग्रिम राशि के तौर पर बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए आरोपी को 25 लाख रुपये ट्रांसफर किए. एसपी ने बताया कि हालांकि, पात्रो ने न तो जमीन सौंपी और न ही पैसे लौटाए. जब महिला ने पैसे चुकाने के लिए आरोपी से संपर्क किया तो उसने कथित तौर पर उसके साथ दुर्व्यवहार किया और उसे धमकाया. एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया,'उसने उसे पुलिस कार्रवाई की चेतावनी दी, जिसके बाद उसने 2021 में 15 लाख रुपये लौटा दिए.' हालांकि, बार-बार अनुरोध करने के बावजूद वह शेष 10 लाख रुपये वापस करने में विफल रहा. इसी तरह, पैट्रो ने कथित तौर पर जमीन बेचने की आड़ में ऑस्ट्रेलियाई एनआरआई को धोखा दिया. प्रथम दृष्टया सबूत मिलने के बाद उसे भुवनेश्वर में गिरफ्तार कर लिया गया.

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