
हर वारदात से पहले नया गैंग, फोन और गाड़ी का इस्तेमाल नहीं… बांग्लादेशी डकैत दिल्ली से अरेस्ट
AajTak
नए लड़कों को गैंग में शामिल कर बांग्लादेशी डकैत मिराज वारदात को अंजाम देता. इसके बाद गैंग के सदस्यों को लूट का हिस्सा देकर दोबारा उनसे कभी नहीं मिलता था. फिर नई वारदात के लिए नया गैंग बनाता था. अपराध के दौरान वह पुलिस की ट्रैकिंग से बचने के लिए मोबाइल और कार का इस्तेमाल भी नहीं करता था.
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने एक शातिर बांग्लादेशी डकैत को गिरफ्तार किया है. वह हर लूट से पहले एक नया गैंग बनाता था. लूट या डकैती की बड़ी वारदात को अंजाम देने के बाद गैंग को खत्म कर देता. वारदात को अंदाज देने के दौरान वह पुलिस की ट्रैकिंग से बचने के लिए मोबाइल फोन और गाड़ी का इस्तेमाल नहीं करता था. मगर, एक एनकाउंटर के दौरान क्राइम ब्रांच की टीम ने बांग्लादेशी डकैत मिराज और उसके साथी शाहिद को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस ने बताया कि मुखबिर से जानकारी मिलने के बाद द्वारका के एक गांव में मिराज को पकड़ने के लिए ट्रैप लगाया हुआ था. जब पुलिस की टीम ने मिराज को स्पॉट किया और इसे सरेंडर को कहा, तो उसने और उसके साथी ने पुलिस टीम पर गोली चला दी. जिसमें से एक गोली इंस्पेक्टर अक्षय की बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगी. वहीं, शाहिद की चलाई गोली से हेड कांस्टेबल गौरव बाल-बाल बच गया.
यह भी पढ़ें- CAA के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 192 याचिकाएं, 19 मार्च को एक साथ होगी सुनवाई
अशोक विहार में दिया था 2 करोड़ की डकैती को अंजाम
बांग्लादेशी डकैत मिराज ने अशोक विहार में 2 करोड़ की बड़ी डकैती को अंजाम दिया था. वहां से उसने 2 किलो सोने की लूट की थी. इसके बाद 13 मार्च को दिल्ली के प्रीत विहार में परिवार को बंधक बनाकर डकैती की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया था. पुलिस के मुताबिक, जानकारी मिली थी कि इस जगह से 29 लाख कैश, बड़ी मात्रा में सोने के जेवरात लूटे थे.
नए लड़कों को शामिल कर वारदात के लिए बनाता था नया गैंग

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.







