
'हमास से जुड़े ग्रुप से फंडिंग ली...', जोहरान ममदानी पर उनकी ही गुरु ने लगाया सनसनीखेज आरोप, बढ़ा विवाद
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फिलिस्तीनी-अमेरिकी एक्टिविस्ट लिंडा सरसूर ने दावा किया है कि काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशन्स (CAIR) ने जोहरान ममदानी के इलेक्शन कैंपेन को फंड किया है. सरसूर ममदानी की तरह डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका की सदस्य हैं और उनकी अच्छी दोस्त भी हैं. अब वो कह रही हैं कि ममदानी अगर जीतते हैं तो उन्हें उन लोगों के हित में काम करना होगा जिन्होंने उन्हें जिताया है.
फिलिस्तीनी-अमेरिकी एक्टिविस्ट लिंडा सरसूर ने दावा किया है कि काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशन्स (CAIR) ने जोहरान ममदानी के न्यूयॉर्क सिटी मेयर इलेक्शन कैंपेन को मुख्य रूप से फंड किया है. CAIR फिलिस्तीन के हथियारबंद समूह हमास से कथित संबंधों को लेकर अमेरिकी संसद, कांग्रेस की जांच के घेरे में है.
ममदानी डेमोक्रेट पार्टी के उम्मीदवार हैं जो न्यूयॉर्क सिटी मेयर इलेक्शन की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं. चुनाव के नतीजे 4 नवंबर को घोषित किए जाने हैं.
सरसूर डेमोक्रेट उम्मीदवार की राजनीतिक मार्गदर्शक भी हैं. द न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार सरसूर ने कहा कि ममदानी के राजनीतिक उभार में उन्होंने और हमास से जुड़े CAIR एनजीओ ने अहम भूमिका निभाई.
रिपोर्ट के मुताबिक, सरसूर ने CAIR फंडेड यूनिटी एंड जस्टिस फंड PAC का नाम लिया और इसे 'न्यूयॉर्क में प्रो-जोहरान सुपर PAC को दान देने वाला सबसे बड़ा डोनर' बताया.
पब्लिक रिकॉर्ड्स के अनुसार, यूनिटी एंड जस्टिस PAC ने इस चुनाव में करीब 30 लाख डॉलर के कुल फंड में से 1,20,000 डॉलर (लगभग 1 करोड़ रुपये) न्यूयॉर्क स्थित लोअर कॉस्ट्स PAC को दिए, जो ममदानी के समर्थन में काम कर रहा है.
CAIR वर्तमान में अमेरिकी सांसदों एलिस स्टीफैनिक और टॉम कॉटन की तरफ से जांच के दायरे में है. इन सांसदों ने अमेरिकी ट्रेजरी विभाग से इस बात की जांच करने का आग्रह किया है कि कहीं यह गैर-लाभकारी संगठन हमास से तो फंड नहीं ले रहा. अमेरिका ने हमास को आतंकवादी संगठन घोषित कर रखा है.

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