
हनी ट्रैप में गैंगस्टर, मिस्ट्री गर्ल की पहेली और खूनी गैंगवार का खतरा... 'बर्गर किंग' शूटआउट की Inside Story
AajTak
जासूसी की दुनिया में हनी ट्रैप कोई नई बात नहीं है. सेना से लेकर दूतावासों तक में दुश्मन देश खुफिया जानकारियां निकालने के लिए हनी ट्रैप का इस्तेमाल करता रहा है. लेकिन देश की राजधानी दिल्ली में ऐसा पहली बार हुआ है, जब एक गैंग ने अपने दुश्मन गैंग के गैंगस्टर को निपटाने के लिए हनी ट्रैप का सहारा लिया.
जासूसी की दुनिया में हनी ट्रैप कोई नई बात नहीं है. सेना से लेकर दूतावासों तक में दुश्मन देश खुफिया जानकारियां निकालने के लिए हनी ट्रैप का इस्तेमाल करता रहा है. यहां तक कि सरकारी अफसरों और जजों तक को इससे शिकार बनाया गया है. लेकिन देश की राजधानी दिल्ली में ऐसा पहली बार हुआ है, जब एक गैंग ने अपने दुश्मन गैंग के गैंगस्टर को निपटाने के लिए हनी ट्रैप का सहारा लिया. ये कहानी 14 गोली से शुरू होकर 40 गोलियों पर खत्म हुई.
जी हां, हम 18 जून को दिल्ली के रजौरी गार्डन इलाके में स्थित बर्गर किंग में हुए शूटआउट की बात कर रहे हैं. इस वारदात ने पूरी दिल्ली का दिल दहला दिया है. इसके बाद देश की राजधानी में गैंगवार का खतरा बढ़ गया है. विरोध गैंग अपने गुर्ग की हत्या के बाद चुप बैठने वाला नहीं है. यही वजह है कि दिल्ली पुलिस मुस्तैद है. इस शूटआउट और खौफनाक हत्याकांड की जिम्मेदारी खूंखार गैंगस्टर गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नवीन बाली ने ली है.
आइए इस घटना को सिलसिलेवार जानते हैं... 18 जून 2024. रात के करीब 9 बज कर 40 मिनट. दिल्ली के रजौरी गार्डन इलाके में स्थित बर्गर किंग का आउटलेट. लोग बर्गर के मजे ले रहे हैं. कस्टमर्स में एक कपल भी बैठा है. इनके ठीक पीछे दो और भी लड़के मौजूद हैं. बर्गर किंग में मौजूद इन चार में से तीन लोगों को छोड़ कर और किसी को पता नहीं है कि यहां अगले ही पल क्या होने वाला है. तीन बोले तो ये एक लड़की और उसके पास बैठे दो लड़के.
चौथा लड़का तो बस यहां होने वाली वारदात का शिकार बनने वाला है, जबकि बाकी के कस्टमर्स का इस वारदात से कोई लेना-देना ही नहीं है. 9 बजकर 41 मिनट और 54 सेकंड. अचानक कपल के पीछे बैठे दो लड़के अपनी सीट से उठते हैं और बिल्कुल फिल्मी स्टाइल में कपल के मेल पार्टनर को टारगेट करने लगते हैं. ये दोनों लड़के कोई मामूली लोग नहीं बल्कि एक खूंखार क्राइम सिंडिकेट के वो शूटर हैं, जो यहां किसी का क़त्ल करने के इरादे से पहुंचे हैं.
ये शूटर अपनी प्लानिंग के मुताबिक इस लड़के को निशाने पर लेकर बिल्कुल करीब से गोली चला देते हैं. हालांकि शायद पहली गोली मिसफायर हो जाती है और लड़का अपनी जान बचाने के लिए सीट से उठ कर आउटलेट के काउंटर की तरफ भागने लगता है. इस भयानक वारदात से पूरे आउटलेट में चीख पुकार मच जाती है. पलक झपकते ही पूरा का पूरा आउटलेट खाली हो जाता है. लेकिन शूटर पीछे नहीं हटते. वो लड़के का पीछा करते हुए आगे बढ़ते हैं.

मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है. अमेरिका ने USS Abraham Lincoln कैरियर ग्रुप अरब सागर में तैनात कर ईरान पर हमले की धमकी दी है. ईरान डर से अपने न्यूक्लियर साइट्सको गहराई में छिपा रहा है. टनल सील कर रहा है. ड्रोन कैरियर शहीद बघेरी को बंदर अब्बास से 6 किमी दूर रखा है. IRGC 1-2 फरवरी को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लाइव-फायर एक्सरसाइज करेगा.

दिल्ली पुलिस की महिला कमांडो काजल की हत्या के मामले अब नई परतें खुल रही हैं. उसके परिजनों ने पति अंकुर पर हत्या के साथ-साथ पेपर लीक रैकेट का मास्टरमाइंड होने के गंभीर आरोप लगाए हैं. दावा है कि काजल के पास उसके काले कारनामों के राज़ थे. हत्या से पहले वीडियो कॉल और डंबल से हत्या के आरोपों ने मामले को और सनसनीखेज बना दिया है.

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सोनिया विहार इलाके में चल रही नकली ब्रांडेड जूतों की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का खुलासा किया है. यहां नाइकी, एडिडास, न्यू बैलेंस और स्केचर्स के नकली जूते बनाए जा रहे थे. पुलिस ने यूनिट के मालिक संदीप सिंह को गिरफ्तार कर भारी मशीनें और हजारों नकली जूतों के पार्ट्स बरामद किए हैं.

राजस्थान में साध्वी प्रेम बासा की संदिग्ध मौत. साध्वी प्रेम बासा, जो एक प्रसिद्ध कथा वाचक थीं, का अस्पताल में अचानक निधन हुआ. उनके निधन पर कई सवाल उठे हैं. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. परिवार और आश्रम वालों के बीच विवाद भी देखने को मिला है. एक वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट्स ने मामले को और पेचीदा बना दिया है.

हरियाणा के दादरी जिले में एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें बीजेपी विधायक को चमचों से दूर रहने की कड़वी नसीहत एक बुजुर्ग ने दी है. यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. वीडियो में बुजुर्ग की बातों का अंदाज़ साफ दिखता है जो नेताओं के व्यवहार पर सवाल उठाता है. यह घटना लोकतंत्र के अंतर्गत नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच सीधे संवाद की महत्ता को दर्शाती है. ऐसे संवाद समाज में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व बढ़ाने में मदद करते हैं.








