
सोशल मीडिया की लत से जुड़े केस में मेटा और यूट्यूब दोषी, साढ़े 56 करोड़ रुपये का जुर्माना
BBC
फे़सबुक और इंस्टाग्राम पर आरोप थे कि उन्हें इस तरह डिज़ाइन किया गया है जिससे लोगों को उनकी लत लग जाए. पेरेंट कंपनी मेटा के प्रमुख मार्क ज़करबर्ग ने कोर्ट में इन आरोपों पर अपना पक्ष रखा.
अमेरिका में लॉस एंजेलिस की एक जूरी ने एक युवा महिला के पक्ष में ऐतिहासिक फ़ैसला सुनाया है.
इस महिला ने मेटा और यूट्यूब पर आरोप लगाया था कि उनके बचपन में इन प्लेटफॉर्म के कारण उसे सोशल मीडिया की लत लग गई थी.
जूरी ने पाया कि इंस्टाग्राम, फ़ेसबुक और व्हाट्सऐप के मालिकाना हक़ वाली मेटा और यूट्यूब के मालिक गूगल ने जानबूझकर ऐसे सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म बनाए जिनसे लोगों को लत लग सकती थी.
जूरी के मुताबिक़ इससे केली नाम की 20 साल की महिला के मानसिक स्वास्थ्य को नुक़सान पहुँचा.
केली को हर्ज़ाने के तौर पर 60 लाख अमेरिकी डॉलर यानी करीब साढ़े 56 करोड़ रुपये चुकाने का फ़ैसला भी सुनाया गया है.
जूरी ने कहा कि केली को 30 लाख डॉलर हर्ज़ाने और 30 लाख डॉलर इन कंपनियों से दंड के तौर पर मिलना चाहिए.
जूरी इस निष्कर्ष पर पहुँची कि मेटा और गूगल ने अपने प्लेटफ़ॉर्म्स को संचालित करने के तरीके में "दुर्भावना, उत्पीड़न या धोखाधड़ी" का सहारा लिया था.
