
मध्य पूर्व में इस्तेमाल हो रहा यह अदृश्य हथियार क्या है, जिससे बढ़ा समुद्र में जहाज़ों के टकराने का ख़तरा
BBC
होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास जहाज़ों को जो दिक्कतें अभी हो रही हैं, वह पहली बार नहीं हैं. लेकिन इन हालात में समंदर में जहाज़ों की टक्कर का ख़तरा बढ़ गया है.
सैकड़ों की संख्या में जहाज़ लेकिन सब ग़लत जगह पर.
मिशेल वीज़ बॉकमैन विंडवर्ड नाम की एक समुद्री एआई कंपनी की सीनियर मरीन इंटेलिजेंस एनालिस्ट हैं. जब वह ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और क़तर के पास के पानी में चल रहे व्यवसायिक जहाज़ों की लाइव लोकेशन चेक कर रही थीं तो उनके मुंह से निकला, "हे भगवान"
होर्मुज़ जलडमरूमध्य और उसके आस-पास के इलाक़ों का नक्शा देखते हुए वह कहती हैं, "मैं अभी तक… 35 अलग-अलग क्लस्टर गिन चुकी हूं,"
जिन क्लस्टरों की वह बात कर रही हैं, वे नक्शे पर बनी अजीब-सी गोल आकृतियां हैं, और इनमें से हर आइकन एक असली जहाज़ को दर्शा रहा है.
लेकिन जहाज़ कभी भी इतने सटकर, इतनी परफ़ेक्ट गोल आकृतियों में इकट्ठा नहीं होते. और न ही वो ज़मीन के ऊपर तैर सकते हैं, जबकि कुछ क्लस्टर तो वहीं दिख रहे हैं. यानी इनके जीपीएस कॉर्डिनेट्स गड़बड़ा गए हैं, जिससे इनकी असली लोकेशन अस्पष्ट हो गई है.
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जंग सिर्फ़ गोलियों और बमों से नहीं लड़ी जाती. इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स भी युद्ध में काम आती हैं. नंगी आंखों से न दिखने वाला जीपीएस जैमिंग भारी गड़बड़ियां पैदा कर सकता है, कम्युनिकेशन बाधित हो सकते हैं, और जानलेवा हादसे भी हो सकते हैं.
