
साढ़े आठ किलोमीटर सड़क के लिए 697 पेड़ काटने का मामला क्या है
BBC
दो लेन वाली इस सड़क को चार लेन में बदलने के लिए कुल 697 पेड़ों को काटा जाना है. इस पेड़ कटाई का शहर के पर्यावरण प्रेमियों ने विरोध किया है.
"अगर आप इस पेड़ को ध्यान से देखें, तो यह इंसान की क्षमता से बाहर का पेड़ है. आज हम इस तरह के पेड़ लगाकर उन्हें ज़िंदा रख पाएंगे, इसकी कोई संभावना नहीं है. पेड़ों का जो यह विशाल आकार होता है, वह इंसानी बस से बाहर होता है."
पर्यावरण कार्यकर्ता रूपेश कलंत्री, छत्रपति संभाजीनगर में नगर नाका से दौलताबाद जाने वाली सड़क पर लगे एक विशाल बरगद के पेड़ की ओर इशारा करते हुए यह बात कह रहे थे.
इस पेड़ समेत कुल 697 पेड़ों को काटा जाना है, क्योंकि फिलहाल दो लेन वाली इस सड़क को चार लेन में बदला जा रहा है.
नगर नाका से दौलताबाद की ओर बढ़ते ही सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू हुआ दिखाई देता है. सड़क के विस्तार के लिए हो रही इस पेड़ कटाई का शहर के पर्यावरण प्रेमियों ने विरोध किया है.
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रूपेश कलंत्री कहते हैं, "हम सोचते ही ऐसे हैं कि सवाल खड़ा कर देते हैं, आपको सड़क चाहिए या पेड़? आपको विकास चाहिए या पर्यावरण? ऐसा क्यों होना चाहिए? यह या वह क्यों? दोनों साथ क्यों नहीं हो सकते?"
वह आगे कहते हैं, "पहली प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि सारे पेड़ कैसे बचें, और उसके बाद सड़क बनाने की योजना तैयार की जाए."
