
सेना वापसी पर तनाव के बीच मालदीव के विदेश मंत्री से क्या हुई जयशंकर की बात?
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युगांडा की राजधानी कंपाला में चल रहे गुटनिरपेक्ष देशों की मीटिंग से अलग विदेश मंत्री जयशंकर की मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर से मुलाकात हुई. जयशंकर ने बताया कि इस दौरान मालदीव के समकक्ष से स्पष्ट बातचीत हुई.
मालदीव में बीते कई सालों से भारतीय सेना की एक छोटी टुकड़ी तैनात है. वहां की पिछली सरकार की अपील पर समुद्री सुरक्षा और आपदा राहत कार्यों में मदद के लिए भारत ने सैनिकों को वहां तैनात किया था. लेकिन अब मालदीव के नए राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने इन सैनिकों को देश छोड़ने के लिए कहा है. सेना वापसी पर तनाव के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर और मालदीव के विदेश मंत्री से मुलाकात की है.
अफ्रीकी देश युगांडा की राजधानी में चल रहे गुटनिरपेक्ष देशों की मीटिंग से अलग विदेश मंत्री जयशंकर की मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर से मुलाकात हुई. जयशंकर ने बताया कि गुरुवार को कंपाला में हुई बैठक में अपने समकक्ष मूसा जमीर के साथ स्पष्ट बातचीत हुई.
वहीं मालदीव के विदेश मंत्री ने बताया कि एस जयशंकर के साथ बातचीत में भारतीय सैन्य कर्मियों की वापस पर चल रही उच्च स्तरीय चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि माले द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने और उसे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है.
दिल्ली में एक मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि भारत, मालदीव के साथ अपनी विकास साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध है और दोनों पक्ष भारतीय सैनिकों से संबंधित मुद्दे को हल करने के लिए बातचीत में लगे हुए हैं.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर कहा, आज कंपाला में मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर से मुलाकात हुई. भारत-मालदीव संबंधों पर खुलकर बातचीत हुई. इस दौरान गुटनिरपेक्ष आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई."
मालदीव के विदेश मंत्री ने क्या कहा?

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