
सुप्रीम कोर्ट क्या रोक देगा ज्ञानवापी मस्ज़िद का सर्वे?
AajTak
ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे आज बिना रुकावट के चलता रहेगा या सुप्रीम कोर्ट रोक लगाने की दिशा में बढ़ेगा, डोनाल्ड ट्रम्प पर लगे इस बार के आरोप कितने गम्भीर है, क्या उनके समर्थक इस वजह से उनसे बिदक रहे हैं और टी-20 मैच का पहला मुकाबला वेस्टइंडीज से क्यों हारा भारत? सुनिए 'आज का दिन' में.
सर्वे को लेकर इन दिनों बड़ी हायतौबा है. एक बिहार में, दूसरी यूपी में. वजहें अलग हैं दोनों की. बिहार में कास्ट सर्वे पर जंग छिड़ा, मामला पटना हाईकोर्ट पहुंचा, अदालत ने परसो इसे कंटीन्यू करने की इजाज़त दे दी. अब यूपी के एक सर्वे पर सबकी निग़ाहें हैं. ज्ञानवापी मस्ज़िद का सर्वे होगा या नहीं, अब ये तीन अदालतों का मामला है. इनमें से कल एक यानी इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी के एएसआई सर्वे यानी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की अनुमति दे दी. फिर क्या, हाई कोर्ट के आदेश के बाद वाराणसी में हलचल तेज़ हो गई. डीएम एस राजलिंगम ने कहा कि मस्जिद का सर्वे आज; शुक्रवार को शुरू हो जाएगा, तैयारी इसकी पूरी कर ली गई है.
लेकिन बात इतने पर कहां रुकने वाली थी. मुस्लिम पक्ष मामले को लेकर शाम तलक सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया. याचिकाकर्ता अंजुमन इंतजामिया मसाजिद की लीगल टीम का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट जल्दी सुनवाई करे और सर्वे पर रोक लगाए. सर्वोच्च अदालत भी आज सुनवाई के लिए तैयार हो गया है. ज्ञानवापी मस्ज़िद सर्वे को लेकर कल का जो घटनाक्रम है, हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक का, उसका निचोड़ क्या रहा, आज सुप्रीम कोर्ट में क्या सुना जाएगा, सर्वे बिना रुकावट के चलता रहेगा या कोर्ट रोक लगाने की दिशा में भी बढ़ सकता है? 'आज का दिन' में सुनने के लिए क्लिक करें.
_______________________________
दुनिया के जो सबसे ताकतवर दो चार लोग हैं, उनमें एक है अमेरिका का राष्ट्रपति. ऐसे में, मौजूदा राष्ट्रपति या फिर उस पद के सबसे प्रबल दावेदार पर कोई मुकदमा हो जाए तो दुनिया के कैमरे उस देश को मुड़ जाते हैं. कल भी मुड़ें. वाशिंगटन के फेडरल कोर्ट में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कल पेशी थी. ट्रम्प पहुंचे और ख़ुद को निर्दोष बताया. मामला था दरअसल राष्ट्रपति चुनाव हारने के बाद चुनाव पलटने की कोशिश का. ट्रम्प पर देश को धोखा देने की कोशिश, सरकारी कामकाज में बाधा डालने की साजिश और जनता के अधिकारों के खिलाफ साजिश रचने जैसे आरोप हैं.
और ये कोई पहला मामला नहीं. पिछले 5 महीनों में ये तीसरा केस है, जिसमें ट्रम्प पर क्रिमिनल चार्ज लगाए गए हैं. इससे पहले उन पर ऑलरेडी सीक्रेट डॉक्युमेंट्स घर ले जाने और 2016 के राष्ट्रपति चुनाव प्रचार अभियान के दौरान पॉर्न एक्ट्रेस स्टॉर्मी डेनियल्स से अपने सेक्शुअल रिलेशन को छिपाने के लिए उन्हें पैसे देने के मामले में केसेज चल रहे हैं. कल का केस, कैपिटल हिल हिंसा वाला पहले वालों से किस तरह अलग है, कल की पेशी का लब्बोलुआब क्या रहा, ये केस किस दिशा में बढ़ रहा है, ट्रम्प की लोकप्रियता पर इसका क्या असर पड़ रहा है, क्या उनके समर्थक बिदक रहे हैं इन मामलों की वजह से या वे और लामबंद हो रहे हैं? 'आज का दिन' में सुनने के लिए क्लिक करें.
_______________________________

दिल्ली पुलिस की महिला कमांडो काजल की हत्या के मामले अब नई परतें खुल रही हैं. उसके परिजनों ने पति अंकुर पर हत्या के साथ-साथ पेपर लीक रैकेट का मास्टरमाइंड होने के गंभीर आरोप लगाए हैं. दावा है कि काजल के पास उसके काले कारनामों के राज़ थे. हत्या से पहले वीडियो कॉल और डंबल से हत्या के आरोपों ने मामले को और सनसनीखेज बना दिया है.

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सोनिया विहार इलाके में चल रही नकली ब्रांडेड जूतों की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का खुलासा किया है. यहां नाइकी, एडिडास, न्यू बैलेंस और स्केचर्स के नकली जूते बनाए जा रहे थे. पुलिस ने यूनिट के मालिक संदीप सिंह को गिरफ्तार कर भारी मशीनें और हजारों नकली जूतों के पार्ट्स बरामद किए हैं.

राजस्थान में साध्वी प्रेम बासा की संदिग्ध मौत. साध्वी प्रेम बासा, जो एक प्रसिद्ध कथा वाचक थीं, का अस्पताल में अचानक निधन हुआ. उनके निधन पर कई सवाल उठे हैं. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. परिवार और आश्रम वालों के बीच विवाद भी देखने को मिला है. एक वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट्स ने मामले को और पेचीदा बना दिया है.

हरियाणा के दादरी जिले में एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें बीजेपी विधायक को चमचों से दूर रहने की कड़वी नसीहत एक बुजुर्ग ने दी है. यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. वीडियो में बुजुर्ग की बातों का अंदाज़ साफ दिखता है जो नेताओं के व्यवहार पर सवाल उठाता है. यह घटना लोकतंत्र के अंतर्गत नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच सीधे संवाद की महत्ता को दर्शाती है. ऐसे संवाद समाज में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व बढ़ाने में मदद करते हैं.









