
ईरान युद्ध से दुनिया में खाद्य संकट गहराया, 4.5 करोड़ लोग भुखमरी के मुहाने पर
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यूनाइटेड नेशन के वर्ल्ड फूड प्रोग्राम ने चेतावनी दी है कि मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण 4.5 करोड़ लोग और भूख की चपेट में आ सकते हैं. तेल कीमतों और सप्लाई चेन पर असर से वैश्विक खाद्य संकट गहरा सकता है.
यूनाइटेड नेशन के वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP) ने दुनिया को एक बड़ी चेतावनी दी है. संस्था का कहना है कि अगर मिडिल-ईस्ट में जंग इसी तरह जारी रही तो दुनिया भर में करीब 4.5 करोड़ और लोग भुखमरी की चपेट में आ सकते हैं.
अभी दुनिया में 31.8 करोड़ लोग पहले से खाद्य संकट में हैं. अगर जंग साल के मध्य तक नहीं रुकी और तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रही, तो यह संख्या बढ़कर करीब 35 करोड़ से भी ऊपर जा सकती है. यह वही स्तर होगा जो 2022 में यूक्रेन युद्ध के समय देखा गया था, जब दुनिया भर में 34.9 करोड़ लोग भूख से प्रभावित थे.
ईरान की जंग और खाने का क्या संबंध?
ईरान और मिडिल-ईस्ट दुनिया का सबसे बड़ा ऊर्जा केंद्र है. जंग की वजह से होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों का आना-जाना लगभग ठप हो गई है और लाल सागर में भी खतरा बढ़ गया है. इससे तेल, ईंधन और खाद बनाने में काम आने वाले उर्वरकों की कीमतें बढ़ रही हैं.
जब ईंधन महंगा होता है तो खेती, परिवहन और खाना बनाना - सब महंगा हो जाता है. यही वजह है कि यह जंग अनाज उत्पादक देश न होने के बावजूद खाद्य संकट पैदा कर रही है.
सबसे ज्यादा मार किन देशों पर?

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