
सलमान खान केस: 'सोल पैच' दाढ़ी, लंबी सीधी नाक... इस 'क्लू' से शूटरों के गिरेबां तक ऐसे पहुंचे पुलिस के हाथ
AajTak
बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के घर के बाहर गोली चलाने वाले दो शूटर सागर कुमार पाल और विक्की गुप्ता की तस्वीर को एक बार पूरे ध्यान से देखिएगा. क्योंकि इस तस्वीर में ही एक ऐसा 'क्लू' छिपा है, जिसने शूटआउट के बाद पुलिस को दोनों शूटरों तक पहुंचा दिया.
बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के घर के बाहर गोली चलाने वाले दो शूटर सागर कुमार पाल और विक्की गुप्ता की तस्वीर को एक बार पूरे ध्यान से देखिएगा. क्योंकि इस तस्वीर में ही एक ऐसा 'क्लू' छिपा है, जिसने शूटआउट के बाद पुलिस को दोनों शूटरों तक पहुंचा दिया. यानी तस्वीर में छिपे उस क्लू की मदद से ही दोनों गिरफ्तार कर लिए गए. तस्वीर में व्हाइट टी शर्ट और उसके ऊपर ब्लैक शर्ट पहने सागर कुमार पाल है. दोनों ने ही अपने चेहरे पर दाढ़ी बढ़ा रखी है. लेकिन सागर की दाढ़ी की स्टाइल थोड़ी खास है, जिसने ही उसे और उसके साथी विक्की गुप्ता को पुलिस के शिकंजे में पहुंचा दिया.
'सोल पैच'. जी, सागर कुमार पाल के चेहरे पर उसके होठों के ठीक नीचे और ठुड्ढी के थोड़ा ऊपर ये जो दाढ़ी मौजूद है, उसे इसी नाम से पुकारते हैं. सोल पैच यानी इकलौता दाग़ या धब्बा. वैसे तो सागर की मूंछें भी हैं और दाढ़ी भी, इस लिहाज़ से उसकी दाढ़ी के इस स्टाइल को साफ-साफ सोल पैच नहीं कह सकते, लेकिन इसे सोल पैच से मिलता-जुलता जरूर कह सकते हैं. 14 अप्रैल की सुबह जब सागर और विक्की सलमान खान के घर के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग कर फरार हो गए, तो मुंबई पुलिस को तुरंत हाई अलर्ट पर आना पड़ा. पुलिस ने सलमान के घर के पास के पूरे रूट के सीसीटीवी कैमरों की स्कैनिंग शुरू कर दी.
इसके साथ ही डंप डेटा के आधार पर उस इलाके में एक्टिव मोबाइल नंबरों की भी जांच करने लगी. सीसीटीवी फुटेज की स्कैनिंग के दौरान ही पुलिस को इन दोनों शूटरों की एक ऐसी तस्वीर नज़र आई, जिसमें दोनों का चेहरा साफ-साफ दिख रहा था. ये तस्वीर बाइक छोड़ कर दोनों के पैदल एक जगह से दूसरी जगह जाने के दौरान किसी ठिकाने पर क़ैद हुई थी. चूंकि ये तस्वीर साफ थी, तो पुलिस भी दोनों के हुलिए यानी चेहरे-मोहरे को बहुत गौर से पढ़ने का मौका भी मिल गया. इस कोशिश के दौरान पुलिस ने सागर कुमार पाल की दाढ़ी के इस स्टाइल पर गौर किया साथ ही उसकी लंबी सी नाक पर भी पुलिस की नजर गई.
उधर टेक्नीकल सर्विलांस की मदद से दोनों के मुंबई से गुजरात की तरफ भागने की खबर पुलिस को मिल चुकी थी. दोनों सूरत से अहमदाबाद होते हुए कच्छ यानी भुज की तरफ जा रहे थे. दोनों के पीछे-पीछे मुंबई पुलिस की दो टीमें भी उसी दिशा में बढ़ रही थी. लेकिन भुज के नखत्राणा इलाके के नजदीक पहुंच कर अचानक दोनों ने अपना मोबाइल फोन स्विच्ड ऑफ कर लिया. इत्तेफाक से जिस जगह पर उनका फोन स्विच्ड ऑफ हुआ, वहां एक तिराहा है. यानी रास्ता तीन तरफ को जाता है. ऐसे में भुज पुलिस की मदद से मुंबई क्राइम ब्रांच की टीमों ने उन तीनों दिशाओं को खंगालने का फैसला किया.
अब दिक्कत ये थी कि चूंकि दोनों का फोन स्विच्ड ऑफ हो चुका था, टेक्नीकल तरीके से उन्हें लोकेट करना और मुमकिन नहीं था. ऐसे में पुलिस को दोनों के हुलिए और खास कर दाढ़ी और नाक का ख्याल आया. अब पुलिस ने मैनुअल तरीके से लोगों को सागर की सोल-पैच स्टाइल वाली दाढ़ी के बारे में बता-बता कर उनसे दो संदिग्ध नौजवानों के बारे में पूछना शुरू किया. मुंबई से नखत्राणा तक करीब 900 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पूछताछ के दौरान एक लोकल दुकानदार ने पुलिस ये बताया कि उन्होंने अब से कुछ देर पहले ही दो नौजवानों को उधर से जाते हुए देखा है, जिनमें एक सोल-पैच स्टाइल वाली दाढ़ी भी है.
मुंबई पुलिस ने उस इलाके में पड़ने वाले सस्ते होटल, लॉज, धर्माशाला और ऐसे मंदिरों की पड़ताल शुरू की, जहां किसी के रुकने पर किसी तरह की रोक-टोक नहीं की जाती है. आखिरकार पुलिस की ये कोशिश रंग लाई. नखत्राणा के माता नू मठ मंदिर से आखिरकार पुलिस ने दोनों को तब धर दबोचा, जब दोनों भागते-भागते थक कर मंदिर परिसर में ही आराम कर रहे थे. लेकिन ये तो रही हुलिए की वजह से दोनों के पकड़े जाने की कहानी. इस मामले में मुंबई पुलिस का टेक्नीकल इनवेस्टिगेशन में दोनों को ट्रेस कर लिए जाने की एक अहम वजह साबित हुआ. शूटआउट के बाद दोनों ने हर तरह का एहतियात बरता था.

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.







