
सरदार मैंने आपका नमक खाया है! ट्रंप संग लंच के बाद अमेरिका को कैसे मना करेंगे आसिम मुनीर?
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर से मुलाकात हुई है. ऐसे में सवाल है कि अमेरिका ईरान-इजरायल युद्ध को लेकर पाकिस्तान से क्या डिमांड कर सकता है?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इजरायल के साथ मिलकर ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर हमले की योजना स्पष्ट दिखाई दे रही है. अभी तक इस लड़ाई में पड़ोसी देश पाकिस्तान की एंट्री नहीं हुई है, लेकिन ईरान को लगता है कि पाकिस्तान उसका साथ दे सकता है. लेकिन, अगर अमेरिका पाकिस्तान से कुछ मदद मांग ले तो पाकिस्तान के लिए मुश्किल हो सकती है कि आखिर करें तो करें क्या? आखिर अमेरिका को पाकिस्तान भला मना भी कैसे कर सकता है, क्योंकि ट्रंप ने हाल ही में पाकिस्तान को पसंदीदा देश बताया है और पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर व्हाइट हाउस में ट्रंप के साथ लंच भी करके आए हैं.
अब सवाल है कि आखिर अगर ट्रंप पाकिस्तान से कुछ मदद मांगते हैं तो अमेरिका की ओर से क्या-क्या मांग की जा सकती है. अगर ऐसा होता है तो पाकिस्तान के लिए मुश्किल हो सकती है कि वो किसका साथ दे...
अमेरिका का बन रहा है खास?
हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मैंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाया. मुझे पाकिस्तान से प्यार है. इसके साथ ही 18 जून 2025 को व्हाइट हाउस में ट्रंप और पाकिस्तानी सेना के जनरल आसिम मुनीर के बीच लंच बैठक हुई है. अब माना जा रहा है कि ट्रंप इस मुलाकात के जरिए पाकिस्तान को ईरान के खिलाफ अपनी रणनीति में शामिल करना चाहते हैं.
ईरान के खिलाफ सैन्य अड्डों का उपयोग?
बता दें कि पाकिस्तान ईरान के साथ करीब 900 किलोमीटर का बॉर्डर साझा करता है, ऐसे में इस वॉर में पाकिस्तान काफी निर्णायक हो सकता है. सैन्य अड्डों का उपयोग अमेरिका को ईरान की पूर्वी सीमा पर निगरानी और संभावित जमीनी कार्रवाइयों के लिए एक मजबूत आधार प्रदान कर सकता है. वैसे अफगानिस्तान युद्ध के वक्त भी पाकिस्तान ने अमेरिका को काफी आर्मी सपोर्ट किया था.

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










