
समान नागरिक संहिता पर मोदी सरकार को मिला बड़ा समर्थन, आम आदमी पार्टी ने कहा- होना चाहिए लागू
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समान नागरिक संहिता (UCC) के समर्थन में भोपल में एक बयान दिया. इसके बाद पूरे देश में यूसीसी का मुद्दा छिड़ गया. अब इस मुद्दे पर मोदी सरकार को आम आदमी पार्टी का भी समर्थन मिलता दिख रहा है. AAP ने कहा है कि इसे लागू किया जाना चाहिए.
समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर छिड़ी बहस के बीच इस मुद्दे पर मोदी सरकार को आम आदमी पार्टी का समर्थन मिलता दिख रहा है. AAP के संगठन महासचिव संदीप पाठक ने आजतक के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा है कि आम आदमी पार्टी (AAP) समान नागरिक संहिता (UCC) का सैद्धांतिक समर्थन करती है.
संदीप पाठक ने बुधवार को कहा,'आर्टिकल 44 भी यह कहता है कि UCC होना चाहिए, लेकिन आम आदमी पार्टी का यह मानना है कि इस मुद्दे पर सभी धर्म और राजनीतिक दलों से बातचीत होनी चाहिए. सबकी सहमति के बाद ही इसे लागू किया जाना चाहिए.'
हालांकि, UCC को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता संदीप पाठक ने केंद्र की बीजेपी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा है. संदीप पाठक ने कहा है कि यह भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली में शामिल है कि जब भी चुनाव आता है वह कॉम्प्लिकेटेड और कॉम्प्लेक्स मुद्दे लेकर आते हैं.
पाठक ने आगे कहा,'भाजपा को यूसीसी को इंप्लीमेंट करने और इस मुद्दे को सॉल्व करने से कोई लेना-देना नहीं है. भाजपा सिर्फ स्टेट ऑफ कंफ्यूजन क्रिएट करती है, ताकि देश में डिवाइड पैदा किया जा सके और फिर चुनाव लड़ा जा सके. क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 9 साल में काम किए होते तो काम का सहारा होता, प्रधानमंत्री को काम का सहारा नहीं है, इसलिए वह UCC का सहारा लेंगे.'
PM मोदी ने भोपाल में छेड़ा था UCC का मुद्दा
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के भोपाल में अपने संबोधन के दौरान UCC को लेकर बड़ा बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि भारत के मुसलमानों को यह समझना होगा कि कौन से राजनीतिक दल ऐसा कर रहे हैं. एक घर में एक सदस्य के लिए एक कानून हो और दूसरे के लिए दूसरा तो घर चल पायेगा क्या? तो ऐसी दोहरी व्यवस्था से देश कैसे चल पाएगा? ये लोग हम पर आरोप लगाते हैं. ये अगर मुसलमानों के सही हितैषी होते तो मुसलमान पीछे नहीं रहते. सुप्रीम कोर्ट बार-बार कह रहा है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड लाओ, लेकिन ये वोट बैंक के भूखे लोग ऐसा नहीं करना चाहते.

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