
समस्तीपुर: उपेंद्र कुशवाहा बोले, वैमनस्यता जात-पात के कारण होती है जनगणना के कारण नहीं
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Bihar Politics News: बिहार यात्रा के छठे चरण में जेडीयू संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा समस्तीपुर पहुंचे. कुशवाहा अपने दो दिवसीय दौरे पर जैसे ही समस्तीपुर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने उनका शानदार तरीके से स्वागत किया.
Patna: बिहार यात्रा के छठे चरण में जेडीयू संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) समस्तीपुर पहुंचे. उपेंद्र कुशवाहा अपने दो दिवसीय दौरे पर जैसे ही समस्तीपुर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने उनका शानदार तरीके से स्वागत किया. जेडीयू कार्यकर्ताओं (JDU Leader) ने जगह-जगह फूल- माला और गाजे-बाजे के साथ उनका भव्य स्वागत किया. समस्तीपुर में जेडीयू की जिलाध्यक्ष अश्वमेघ देवी सहित पार्टी कार्यकर्ताओं ने पाग, चादर और माला से उपेंद्र कुशवाहा का स्वागत किया. 'JDU को बनाएंगे नंबर वन' अपने कार्यक्रम के दूसरे दिन उपेंद्र कुशवाहा ने लोहिया आश्रम में प्रेस वार्ता को संबोधित किया. उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि बिहार यात्रा का मकसद समाज के सबसे नीचे पायदान पर रह रहे लोगों और पार्टी के साथियों के साथ विमर्श करना है. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के साथ संगठन के संबंध में बातचीत होती है और पार्टी में कुछ बदलाव करना या कुछ नया करने की जरूरत हो तो इस पर चर्चा होती है.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.










