
सभी इलाकों से हटा कर्फ्यू, अब दंगाइयों से वसूली की तैयारी... नागपुर हिंसा के 7 दिन बाद शहर में ऐसे हैं हालात
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नागपुर में हिंसा के बाद शहर के कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया था, जिसे अब पूरी तरह हटा लिया गया है. इस दौरान हुए नुकसान की भरपाई दंगाइयों से की जाएगी, और पुलिस ने 105 लोगों को गिरफ्तार किया है. मुख्यमंत्री फडणवीस ने चेतावनी दी है कि अपराधियों से नुकसान की राशि वसूल की जाएगी और विफल रहने पर उनकी संपत्तियां बेची जाएगी.
नागपुर में 17 मार्च की हिंसा के बाद शहर के कई इलाके में लगे कर्फ्यू को अब पूरी तरह से हटा लिया गया है. भारी अशांति के जवाब में अधिकारियों ने 11 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लागू किए थे. स्थानीय पुलिस ने बताया कि रविवार तक गणेशपेठ और यशोधरा नगर पुलिस थाना क्षेत्रों में लगे प्रतिबंध भी हटा दिए गए हैं.
शुरुआत में, नंदनवन और कपिलनगर क्षेत्रों से प्रतिबंध हटाए गए थे. इसके बाद, जोन 3 के तहत पंचपावली, शांतिनगर और लकड़गंज से और जोन 4 के तहत सक्करदरा और इमामवाड़ा से कर्फ्यू हटाया गया था. पूरी तरह से हटाए जाने से पहले, कुछ क्षेत्रों में कर्फ्यू की शर्तों में ढील दी गई थी, जिससे लोगों को कुछ घंटों के दौरान जरूरी खरीदारी करने की इजाजत दी गई थी.
यशोधरानगर में क्यों देरी से हटाया गया कर्फ्यू?
यशोधरानगर जोन 5 में आता है और हिंसा के दौरान घायल हुए इरफान अंसारी की मौत के बाद कर्फ्यू को और कड़ा किया गया था, और इसमें कोई ढील नहीं दी गई थी. 40 वर्षीय इरफान ने शनिवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया. उनके परिवार ने बताया कि, वह 17 मार्च को रात करीब 11 बजे इटारसी जाने के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए घर से निकले थे, तभी वह हिंसा की चपेट में आ गए और गंभीर चोटें आई थी. यही वजह थी कि इलाके में लगे प्रतिबंधों में ढील नहीं दी गई.
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दंगाइयों से की जाएगी नुकसान की वसूली- फडणवीस

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