
सऊदी ने हज सीजन में ऐसे लोगों की मक्का में एंट्री पर लगाई रोक, न मानने पर मिलेगी ऐसी सजा
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इस्लाम के सबसे पवित्र शहर सऊदी अरब स्थित मक्का में हज शुरू होने वाला है. इसे लेकर इस्लामिक देश ने कई तरह की तैयारियां की है. किंगडम मक्का शहर में भीड़ कम करने के लिए सख्त कदम उठा रहा है जिसका उल्लंघन करने वालों को सजा के साथ-साथ जुर्माना भी देना पड़ेगा.
हज सीजन में अगर आप यात्रा वीजा पर सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का जाना चाहते हैं तो नहीं जा सकेंगे. सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने कहा है कि यात्रा वीजा रखने वाले यात्रियों को हज सीजन में मक्का में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ये प्रतिबंध 23 मई से लेकर 21 जून तक लागू रहेगा.
सऊदी की सरकारी न्यूज एजेंसी सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार, यात्रा वीजा में सऊदी आए विदेशियों से अनुरोध किया गया है कि वो हज सीजन में मक्का की यात्रा न करें. मंत्रालय ने कहा है कि मक्का में जाकर हज करने के इच्छुक किसी भी व्यक्ति को हज परमिट की जरूरत होगी क्योंकि यात्रा वीजा के तहत हज करने की अनुमति नहीं है.
उमरा के लिए भी रेजिस्ट्रेशन हुआ बंद
मंत्रालय के हवाले से सऊदी गजट की रिपोर्ट के लिखा गया, हज और उमरा मंत्रालय ने हज परमिट जारी करने वाले ऑनलाइन पोर्टल Nusuk ऐप के जरिए उमरा परमिट भी जारी करना बंद कर दिया है. सऊदी अधिकारियों ने कहा है कि यात्रा वीजा लेकर मक्का में प्रवेश करने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी और उन्हें भारी जुर्माना भी देना होगा.
मंत्रालय ने इस हफ्ते की शुरुआत में एक बयान में कहा, 'हज नियमों को तोड़ने पर कड़ा दंड दिया जाएगा. हज परमिट के बिना मक्का और पवित्र स्थलों में पकड़े गए लोगों पर $2,666 (2 लाख 22 हजार 651 रुपये) का जुर्माना लगाया जाएगा. यह जुर्माना सभी नागरिकों, सऊदी निवासियों और विदेशियों पर लागू होगा. बार-बार उल्लंघन करने वालों के लिए जुर्माना दोगुना हो जाएगा. सऊदी में रह रहे विदेशी अगर नियम तोड़ते हैं तो उन्हें वापस उनके देश भेज दिया जाएगा और सऊदी में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा.'
वहीं, हज परमिट के बिना मक्का में हज करने वालों को ले जाते हुए पकड़े गए किसी भी व्यक्ति को छह महीने तक की कैद और 50,000 सऊदी रियाल (11 लाख, 13 हजार 352 रुपये) का जुर्माना भरना होगा.

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