
श्रीलंका संकट ने गर्लफ्रेंड को बना दिया पत्नी! टूरिस्ट वीजा पर आई लड़की ने की यूपी के लड़के से शादी
AajTak
श्रीलंका से आई 'प्रेमिका' बनी कौशाम्बी की 'बहू'... कहानी पूरी फिल्मी है, लेकिन स्वार्थ भी इसमें झलकता है. यूपी का एक लड़का साउथ अफ्रीका के जॉर्डन पहुंचता है. वहीं पर श्रीलंका की एक युवती भी कंप्यूटर कोचिंग के लिए पहुंचती है. दोनों की मुलाकात के बाद फ्रेंडशिप होती है, फिर यह दोस्ती प्यार में बदल जाती है. इसी बीच श्रीलंका में आर्थिक संकट पैदा हो जाता है और फिर चार साल बाद युवती अपने भारतीय बॉयफ्रेंड से शादी कर लेती है.
उत्तर प्रदेश का एक लड़का साउथ अफ्रीका नौकरी करने के लिए गया हुआ था. वहां उसको एक श्रीलंकाई लड़की से मोहब्बत हो गई. इसी बीच अचानक श्रीलंका में आर्थिक संकट के चलते उपद्रव शुरू हो जाता है. यह देख प्रेम की दुहाई देकर लड़की अपने बॉयफ्रेंड से मिलने उसके घर (यूपी) चली आती है और शादी रचा लेती है. परिजनों के साथ ही नाते-रिश्तेदार इस विवाह के गवाह बनते हैं.
यह कहानी है कि उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले के बलराम की. सिराथू तहसील के फरीदगंज, कड़ा निवासी बलराम के पिता लल्लू राम की मौत 10 साल पहले हो चुकी है. बलराम ने कम्प्यूटर की ट्रेनिंग ली थी. ऑपरेटर का वीजा मिलने पर वह चार साल पहले सउदी चला गया था. वहीं से उसको साउथ अफ्रीका के लिए भेज दिया गया. वहां शिफ्ट करने के लिए बलराम की सैलरी भी बढ़ाई गई थी. साउथ अफ्रीका में नौकरी के दौरान ही उसकी मुलाकात श्रीलंका की मधुशा जयवंशी से हुई. मधुशा जयवंशी वहां कम्प्यूटर की पढ़ाई करने के लिए आई थी.
दोनों की दोस्ती के बाद श्रीलंका गया बलराम मुलाकात होने के बाद मधुशा और बलराम के बीच प्रेम पनपा और दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए. उधर, कोर्स पूरा होने के बाद मधुशा श्रीलंका वापस चली गई थी, लेकिन इसकी जानकारी बलराम को नहीं थी. बलराम ने कोचिंग सेंटर से जानकारी हासिल की और वह वहां कंपनी की मदद से श्रीलंका पहुंच गया. करीब 6 माह बाद दोनों फिर मिले. सबकुछ ठीक चल रहा था. इसके बाद बलराम दोबारा साउथ अफ्रीका वापस चला गया. आर्थिक संकट आने पर श्रीलंका में की कोर्ट मैरिज
इसी बीच श्रीलंका में अचानक आर्थिक संकट खड़ा हो गया और वहां उपद्रव शुरू होने लगा. मधुशा ने इसकी जानकारी साउथ अफ्रीका में बैठे अपने प्रेमी बलराम को दी, तो वह दोबारा हवाई जहाज से श्रीलंका पहुंचा. श्रीलंका में बाकायदा दोनों ने कोर्ट मैरिज की. इसके बाद बलराम भारत आ गया. फिर उसने अपने घरवालों को संबंध में जानकारी दी.
परिजनों की रजामंदी हुई तो पत्नी बन चुकी मधुशा का 20 दिन के लिए टूरिस्ट वीजा बनवाया. अब मधुशा 8 मई को कौशाम्बी आई. पारंपरिक तरीके से शादी की तैयारियां शुरू हुईं. हिंदू रस्म के साथ दोनों ने भव्य समारोह में एक-दूसरे के गले में जयमाला डाली, सिंदूर से मांग भरी और एक-दूसरे के हो गए. देखें video:

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










