
शादी के 9 दिन बाद ही पति का मर्डर, फिर चुनाव भी हारीं... अतीक गैंग से लोहा लेने वाली पूजा पाल की कहानी
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पूजा पाल की शादी के महज 9 दिन बाद ही उनके विधायक पति राजू पाल की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी. इसके बाद वो पति की हत्या के मामले में पैरोकार बनीं और उन्होंने सिसायत में कदम रखा...
उमेश पाल हत्याकांड के बाद जेल में बंद बाहुबली अतीक अहमद और उसके परिवार का नाम हर तरफ सुनाई दे रहा है. लेकिन एक नाम और भी हैं, जो चर्चाओं में बना हुआ है और वो नाम हैं सपा विधायक पूजा पाल का. जिनके पति राजू पाल को अतीक के गुर्गों ने सरेआम मौत के घाट उतार दिया था. तभी से वह अतीक अहमद गैंग के सामने निडरता से डटी रहीं. आइए आपको बताते हैं अतीक गैंग से लोहा लेने वाली पूजा पाल की कहानी...
कौन हैं पूजा पाल? पूजा पाल का परिवार तत्कालीन इलाहाबाद शहर में कटघर मोहल्ले में रहता था. वहीं रहकर उन्होंने पढ़ाई लिखाई की. पूजा पाल की शादी 16 जनवरी 2005 राजू पाल के साथ हुई थी. तब राजू पाल इलाहाबाद शहर (पश्चिमी) सीट से बसपा विधायक थे. पूजा ब्याह कर अपनी ससुराल धूमनगंज स्थित उमरपुर नीवां पहुंची थी. उनकी शादी के महज 9 दिन बाद ही उनके विधायक पति राजू पाल की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई. इसके बाद वो पति की हत्या के मामले में पैरोकार बनीं और उन्होंने सिसायत में कदम रखा.
पति की हत्या के बाद उपचुनाव में बसपा ने उन्हें टिकट दिया, लेकिन वह चुनाव हार गईं. हालांकि अगली बार साल 2007 के विधानसभा चुनाव में वह इलाहाबाद शहर (पश्चिम) से बसपा की विधायक चुन ली गईं. इसके बाद 2012 में भी पूजा ने दोबारा इसी सीट पर जीत दर्ज की. साल 2017 में उन्हें बीजेपी के सिद्धार्थनाथ सिंह ने चुनाव हरा दिया. लेकिन 2022 के विधान सभा चुनाव में पूजा पाल सपा के टिकट पर चायल से विधायक चुनी गईं. 2022 में चुनाव के दौरान उन्होंने जो हलफनामा दाखिल किया था, उसमें उन्होंने अपनी पति का नाम ब्रजेश वर्मा लिखा था. और अपना निवास मल्लावां, मेहंदी खेड़ा, गोसवा, हरदोई लिखा था. इस बात से खुलासा हुआ था कि पूजा पाल ने गुपचुप तरीके से दूसरी शादी कर ली थी.
राजू पाल ने हराया था अशरफ को राजू पाल हत्याकांड की कहानी को समझने के लिए हमें करीब 18 साल पीछे जाना होगा. देश में आम चुनाव हो चुका था. साल 2004 में यूपी की फूलपुर लोकसभा सीट से बाहुबली नेता अतीक अहमद सपा के टिकट पर जीत हासिल कर सांसद बन चुके थे. उनके सांसद बन जाने से इलाहाबाद शहर (पश्चिम) विधानसभा सीट खली हो गई थी. कुछ दिनों बाद उपचुनाव का ऐलान हुआ. इस सीट पर हुए सपा ने सांसद अतीक अहमद के छोटे भाई अशरफ को अपना उम्मीदवार बनाया. जबकि बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने अशरफ के सामने राजू पाल को अपना प्रत्याशी बनाकर चुनाव मैदान में उतार दिया. जब उपचुनाव के नतीजे सामने आए तो अतीक अहमद के भाई अशरफ को हार का मुंह देखना पड़ा और बसपा प्रत्याशी राजू पाल ने जीत हासिल की.
दिन दहाड़े हुआ था राजू पाल का मर्डर उपचुनाव में अशरफ की हार से अतीक अहमद के खेमे में खलबली थी. लेकिन धीरे-धीरे मामला शांत हो चुका था. विधायक बन जाने के महज कुछ दिनों बाद ही राजू पाल की शादी पूजा पाल के साथ हो गई थी. मगर राजूपाल के विधायक बनने और शादी की खुशी ज्यादा दिन कायम ना रह सकी. पूजा के हाथों की मेहंदी अभी पूरी तरह से उतरी भी नहीं थी कि 25 जनवरी 2005 को पहली बार विधायक बने राजू पाल की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस हत्याकांड में देवी पाल और संदीप यादव नाम के दो अन्य लोग भी मारे गए थे. जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इस सनसनीखेज हत्याकांड ने यूपी की सियासत को गर्मा दिया था.
पूजा पाल ने दर्ज कराई थी FIR इस सनसनीखेज हत्याकांड में सीधे तौर पर तत्कालीन सांसद अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ का नाम सामने आया था. दिन दहाड़े विधायक राजू पाल की हत्या से पूरा इलाका सन्न था. बसपा ने सपा सांसद अतीक अहमद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. उसी दौरान दिवंगत विधायक राजू पाल की पत्नी पूजा पाल ने थाना धूमनगंज में हत्या का मामला दर्ज कराया था. उस एफआईआर में सांसद अतीक अहमद, उनके भाई अशरफ, खालिद अजीम को नामजद किया गया था. मामला दर्ज हो जाने के बाद पुलिस ने मामले की छानबीन शुरु कर दी थी.

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