
शराब, लग्जरी कार, स्पीड ड्राइविंग... दो मौतों के जिम्मेदार नाबालिग की रिहाई क्या सही? पुणे पोर्श कांड पर उठे सवाल
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पुणे में पोर्श कार हादसा मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने मंगलवार को आरोपी नाबालिग लड़के के बिल्डर पिता विशाल अग्रवाल और उस होटल के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है, जहां आरोपी ने अपने दोस्तों के साथ बैठकर कथित तौर पर शराब पी थी. वहीं पुलिस ने हाईकोर्ट से आरोपी पर वयस्क यानी बालिग अभियुक्त के रूप में मुकदमा चलाने की अनुमति भी मांगी है.
पुणे में एक नाबालिग रईसजादा यार-दोस्तों संग पार्टी करता है. शराब के नशे में पिता की दो करोड़ की पोर्श कार से निकलता है और एक बाइक को टक्कर मार देता है. इस हादसे में बाइक पर सवार दो युवा इंजीनियर की मौत हो जाती है. लेकिन चूंकि आरोपी नाबालिग है इसलिए उसे 15 घंटे के भीतर ही जमानत मिल जाती है. जमानत की शर्त भी ऐसी कि नया मोटर व्हीकल एक्ट सवालों के घेरे में आ गया है. इतना ही नहीं, आरोप लग रहे हैं कि पुलिस द्वारा आरोपी को हिरासत में लिए जाने के बाद VIP ट्रीटमेंट भी दिया गया. उसे खाने के लिए पिज्जा-बर्गर मुहैया कराया गया. सोशल मीडिया पर इसे लेकर ट्रोलिंग तक शुरू हो गई है और लोग नाबालिग की जमानत और रिहाई को लेकर सवाल उठाने लगे हैं.
इस हादसे में मध्य प्रदेश के रहने वाले दो युवा इंजीनियर अनीश और अश्विनी की मौत हो गई. ये कार पुणे के एक अमीर बिल्डर का 17 साल आठ महीने का नाबालिग बेटा चला रहा था. हादसे के बाद उसने भागने की कोशिश की, लेकिन लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. हालांकि महज 15 घंटे के भीतर आरोपी लड़के को जमानत मिल गई. जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने आरोपी को सड़क हादसे पर निबंध लिखने और यरवदा पुलिस के साथ 15 दिन काम करने की सजा सुनाई है. अब सवाल उठता है कि पुणे में नशे में धुत बेलगाम रफ्तार से दो युवाओं की जान लेने वाला सिर्फ निबंध लिखकर बच जाएगा और पीड़ित परिवार जीवनभर के लिए दर्द सहेगा?
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आरोपी का बिल्डर पिता गिरफ्तार
उधर, मामले ने तूल पकड़ा और सोशल मीडिया से लेकर मीडिया तक में तमाम सवाल उठने लगे तो महाराष्ट्र की पुणे पुलिस एक्शन में आई और नाबालिग आरोपी के बिल्डर पिता को गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट से नाबालिग आरोपी पर बालिग की तरह केस चलाने की भी अनुमति मांगी है. इसके साथ ही उस रेस्टोरेंट का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ गया, जहां आरोपी ने एक्सीडेंट करने से पहले अपने दोस्तों संग पार्टी की और शराब का सेवन किया. यहीं से वह निकला और 150 से अधिक की रफ्तार पर पिता की करोड़ों की पोर्श कार चलाते हुए दो युवाओं की जान ले ली. हादसे के बाद से पीड़ितों के परिवार मातम में हैं और गुस्से में भी कि आखिर दो लोगों की जान लेने वाले रईसजादे को जमानत कैसे मिल गई?

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