
'व्हाइट हाउस नहीं छोड़ना चाहिए था...', 2020 के चुनाव नतीजों पर फिर बोले ट्रंप, इस बार हारे तो क्या होगा?
AajTak
साल 2020 में जो बाइडेन को सत्ता में लाने वाले चुनाव के बाद, ट्रंप ने वोटिंग प्रोसेस में धोखाधड़ी का आरोप लगाया और अदालतों में नतीजे को चुनौती दी और उनका दावा खारिज कर दिया गया था.
अमेरिका (USA) में मंगलवार को राष्ट्रपति चुनाव होने जा रहा है, जिसमें रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक लीडर कमला हैरिस प्रमुख चुनावी राज्यों में मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में लगे हुए हैं. जैसे ही चुनाव के दिन की उल्टी गिनती शुरू हुई, ट्रंप ने 2020 के चुनाव की कड़वी यादें ताजा कीं और कहा कि उन्हें व्हाइट हाउस "नहीं छोड़ना चाहिए था", जिससे यह आशंका पैदा हो गई कि अगर वह हैरिस से चुनाव हार गए तो शायद वह 5 नवंबर के मतदान के परिणाम को स्वीकार न करें.
पूरे अमेरिका में प्रारंभिक और मेल-इन मतदान पर नजर रखने वाले University of Florida's Election Lab के मुताबिक, रविवार तक 75 मिलियन से ज्यादा अमेरिकी अपने वोट डाल चुके हैं. ओवरऑल कैंपेन में हैरिस इस चुनाव को देश की मौलिक स्वतंत्रता की रक्षा, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने वाले चुनाव के रूप में पेश कर रही हैं, जबकि ट्रंप अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण और अमेरिका को अवैध अप्रवासियों से मुक्त करने का वादा कर रहे हैं.
कमला हैरिस और ट्रंप में कड़ी टक्कर
उपराष्ट्रपति हैरिस और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सियासी रूप से महत्वपूर्ण राज्यों में घूम रहे हैं, समर्थन जुटाने के लिए तर्क दे रहे हैं, जबकि विभिन्न सर्वेक्षणों में दो दावेदारों के बीच असाधारण रूप से कड़ी टक्कर की भविष्यवाणी की जा रही है. हालांकि, आयोवा में एक नए सर्वे में कहा गया है कि हैरिस 47 फीसदी के साथ आगे चल रही हैं, जबकि ट्रंप 44 प्रतिशत के साथ आगे चल रहे हैं. ट्रंप ने इस सर्वे को तुरंत खारिज कर दिया है.
साल 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में काउंटिंग प्रोसेस पर सवाल उठाते हुए, ट्रंप ने रविवार को पेंसिल्वेनिया में एक रैली में कहा कि उन्हें व्हाइट हाउस नहीं छोड़ना चाहिए था. जो बाइडेन को सत्ता में लाने वाले चुनाव के बाद, ट्रंप ने वोटिंग प्रोसेस में धोखाधड़ी का आरोप लगाया और अदालतों में नतीजे को चुनौती दी और उनका दावा खारिज कर दिया गया था.
यह भी पढ़ें: ट्रंप की जीत के लिए दिल्ली में पूजा-अर्चना, पुजारियों ने कहा- वही ला सकते हैं दुनिया में शांति

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.








