
व्यंग्य: G20 Summit को लेकर कितने नाराज़ फूफाओं के मुंह फूले हुए हैं
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दिल्ली में आयोजित G20 समिट पर भले ही पूरे देश को गर्व हो रहा हो और इसे एक कामयाब इवेंट बताया जा रहा हो. मगर तमाम लोग हैं जो नाराज फूफा बने इधर-उधर टहल रहे हैं. ऐसे लोग न केवल मीडिया वालों को पकड़-पकड़कर अपना दुःख बता रहे हैं बल्कि अपनी कुंठा को जाहिर करने के लिए सोशल मीडिया का भी बखूबी इस्तेमाल कर रहे हैं. आइये जानें जी-20 के मद्देनजर कौन-कौन से फूफा हुए हैं नाराज.
देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित G20 समिट का मामला भी कुछ-कुछ ऐसा ही है. एक ऐसे समय में, जब पूरे देश को इतने बड़े और कामयाब इवेंट के चलते गर्व हो रहा हो. तमाम फूफा हैं जो मुंह फुलाने के बाद गर्दन झुकाए इधर-उधर टहल रहे हैं. मीडिया वालों से लेकर ट्विटर और फेसबुक तक इन्हें अपनी 'कुंठा' के संचार का जो भी साधन दिख रहा है, वो उसका इस्तेमाल कर रहे हैं. इनके द्वारा एक से एक नई या ये कहें कि अतरंगी कमियों को निकाला जा रहा है और रंग में भंग डाला जा रहा है.
भले ही इन रूठे फुफाओं को अपना मकसद पता हो. लेकिन मन के किसी कोने में जानते ये भी हैं कि हम गलत हैं. मगर बात फिर वही है ये फूफा हैं और इन्हें लगता है कि हर सीधी चीज में इन्हें उंगली टेढ़ी करने का हक़ समाज देता है.
जी 20 समिट के चलते नाराज हुए फुफाओं का जिक्र हम ऊपर ही कर चुके हैं. ऐसे में हमारे लिए उस लिस्ट का अवलोकन भी जरूरी हो जाता है जो हमें इन फुफाओं से न केवल अवगत कराएगी. बल्कि ये भी बताएगी कि पीएम मोदी की आलोचना के नाम पर ये लोग जो भी कर रहे हैं उससे किरकिरी किसी और की नहीं, इनकी खुद की हो रही है.
राहुल गांधी
बात रूठे हुए फुफाओं पर हो और कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को छोड़ दिया जाए तो फिर मुमकिन ही नहीं है कि आगे कुछ नई बात हो पाए. जी 20 की बैठक के मद्देनजर केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का सौंदर्यीकरण किया था. झुग्गी झोपड़ी को कवर करना भी केंद्र की इस मुहिम का हिस्सा था. इसे लेकर राहुल गांधी ने ट्वीट किया है और केंद्र सरकार और उसकी कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है.
अपने ट्वीट में राहुल गांधी ने इस बात का जिक्र किया है कि भारत सरकार हमारे गरीब लोगों और जानवरों को छुपा रही है. वहीं उन्होंने ये भी कहा है कि अपने मेहमानों से है हकीकत छिपाने की कोई जरूरत नहीं है. ट्वीट के बाद राहुल गांधी की तीखी आलोचना हो रही है और कहा जा रहा है कि इन्होने रंग में भंग डालने का काम किया है.

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