
वैक्सीन की किल्लत पर राघव चड्ढा ने केंद्र को घेरा, कहा- बीजेपी बताए कि पहले भारत जरूरी या पाकिस्तान
AajTak
राघव चड्ढा ने कहा कि आंध्र प्रदेश के पास 2 दिन का स्टॉक बचा हुआ है. वहीं बिहार के पास 2 दिन, राजस्थान के पास 2 दिन, उत्तराखंड के पास 3 दिन, ओडिशा के पास 4 दिन, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, हरियाणा में 5 दिन की डोज़ बची हैं. यानी 5 दिन बाद यहां टीके लगने बंद हो जाएंगे.
देश भर में जहां एक तरफ वैक्सीनेशन अभियान तेजी से चल रहा है वहीं दूसरी तरफ कई राज्यों से वैक्सीन ख़त्म होने की भी खबर है. ऐसे में कोरोना वैक्सीन मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि आज पूरे देश भर में वैक्सीन डोज़ की किल्लत छा गई है. किसी राज्य के 1 दिन, किसी के पास 2, किसी के पास 4 दिन की डोज़ बची है तो कहीं-कहीं वैक्सीनेशन सेन्टर भी बंद हो गए हैं. राघव ने कहा कि आंध्र प्रदेश के पास 2 दिन का स्टॉक बचा हुआ है. वहीं बिहार के पास 2 दिन, राजस्थान के पास 2 दिन, उत्तराखंड के पास 3 दिन, ओडिशा के पास 4 दिन, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, हरियाणा में 5 दिन की डोज़ बची हैं. यानी 5 दिन बाद यहां टीके लगने बंद हो जाएंगे. वहीं पुणे, मुम्बई, ओडिशा में टीका केंद्र बंद हो गए क्योंकि वैक्सीन खत्म हो गई और दूसरी तरफ़ केंद्र सरकार ने वैक्सीन एक्सपोर्ट कर दी.
पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










