
विवाद के बीच ट्रेनी IAS पूजा खेडकर ने वाशिम में असिस्टेंट कलेक्टर का पद्भार संभाला, इस बार ऑडी नहीं बोलेरो से पहुंचीं दफ्तर
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ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर का पुणे से ट्रांसफर हो गया. आरोप है कि पूजा ने कथित तौर पर कई लोगों को परेशान किया और अपनी निजी ऑडी कार पर लाल लाल बत्ती भी लगा रखी थी. खेडकर पर भारतीय प्रशासनिक सेवा में नौकरी पाने के लिए शारीरिक दिव्यांगता की कैटेगिरी और ओबीसी कोटा के तहत लाभ पाने के लिए हेरफेर करने का आरोप है.
ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर (34 साल) विवादों में हैं. केंद्र सरकार ने गुरुवार को पूजा की उम्मीदवारी वेरिफाई करने के लिए सिंगल मेंबर कमेटी का गठन किया है. पूजा पर आरोप है कि उन्होंने दिव्यांगता और OBC आरक्षण कोटे का दुरुपयोग किया और IAS की नौकरी हासिल की. विवाद के बीच ट्रेनी IAS पूजा खेडकर ने नई जगह काम संभाल लिया है. इस बार वो ऑडी कार नहीं, बल्कि बोलेरो से दफ्तर पहुंचीं. पूजा ने वाशिम में असिस्टेंट कलेक्टर का पद्भार संभाला है.
इससे पहले एक बयान में केंद्र सरकार ने कहा, 2023 बैच की आईएएस अफसर पूजा खेडकर को महाराष्ट्र कैडर आवंटित किया गया है. उनकी उम्मीदवारी के दावों और अन्य डिटेल्स को वेरिफाई करने के लिए एक अतिरिक्त सचिव-रैंक अधिकारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है. जांच अधिकारी दो सप्ताह में अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे.
पूजा ने ऑडी कार में लगा रखी थी लाल बत्ती
इस बीच, पूजा का पुणे से ट्रांसफर हो गया. आरोप था कि पूजा ने कथित तौर पर कई लोगों को परेशान किया और अपनी निजी ऑडी कार पर लाल लाल बत्ती भी लगा रखी थी. खेडकर पर भारतीय प्रशासनिक सेवा में नौकरी पाने के लिए शारीरिक दिव्यांगता की कैटेगिरी और ओबीसी कोटा के तहत लाभ पाने के लिए हेरफेर करने का आरोप है.
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बोलेरो कार से वाशिम कलेक्टरेट पहुंचीं पूजा

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